Wednesday, June 26, 2019

Breaking News

   अमित शाह बोले - साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के गोसडे पर दिए बयान से भाजपा का सरोकार नहीं    ||   भाजपा के संकल्प पत्र में आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का वादा     ||   सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव में ईवीएम और वीवीपैट के मिलान को पांच गुना बढ़ाया    ||    दिल्लीः NGT ने जर्मन कार कंपनी वोक्सवैगन पर 500 करोड़ का जुर्माना ठोंका     ||    दिल्लीः राहुल गांधी 11 मार्च को बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे     ||    हैदराबाद: टीका लगाने के बाद एक बच्चे की मौत, 16 बीमार पड़े     ||   मध्य प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर होंगे सलमान खान, CM कमलनाथ ने दी जानकारी     ||   पाकिस्तान को FATF से मिली राहत, ग्रे लिस्ट में रहेगा बरकरार     ||   आय से अधिक संपत्ति केसः हिमाचल के पूर्व CM वीरभद्र सिंह के खिलाफ आरोप तय     ||   भीमा-कोरेगांव केसः बॉम्बे HC ने आनंद तेलतुंबड़े की याचिका पर सुनवाई 27 तक टाली     ||

CWG - 18 में स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा बोले - ओलंपिक में गोल्ड जीतना नया लक्ष्य, 90 मीटर की थ्रो पर रहेगी नजर

अंग्वाल संवाददाता
CWG - 18 में स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा बोले - ओलंपिक में गोल्ड जीतना नया लक्ष्य, 90 मीटर की थ्रो पर रहेगी नजर

 नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट मे संपन्न हुई राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा अपने प्रदर्शन से खुश तो हैं, लेकिन संतुष्ट नहीं। उनका कहना है कि अभी मुझे भारत के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने की तैयारियों में जुटना है। मेरा मकसद जेवलिन थ्रो में 90 मीटर का एक बैंच मार्क तैयार करना है, जिसे कायम रखने पर ही मैं अपने लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल का ख्वाब पूरा कर सकूंगा। हालांकि राष्ट्रमंडल खेलों में मैंने इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 86.47 मीटर का थ्रो किया था, जिसे चलते मुझे स्वर्ण पदक मिला है। लेकिन मेरा लक्ष्य 90 मीटर का थ्रो करना है।


राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल के ऐतिहासिक प्रदर्शन में अपनी भागीदारी देने वाले एथलीट नीरज चोपड़ा ने कहा कि मैंने देश के लिए स्वर्ण पदक जीता, इसकी मुझे खुशी है, लेकिन मेरा लक्ष्य ओलंपिक पदक जीतना है। इस बार मैंने अपने इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता, लेकिन मुझे अपनी थ्रो को 86.47 मीटर से आगे 90 मीटर तक ले जाना है। अगर में ऐसा कर पाया तो ही मैं अपने ओलंपिक स्वर्ण पदक के सपने के करीब पहुंच पाउंगा। 90 मीटर की मेरी थ्रो एक बैंच मार्क हो सकती है। अगर मैं इसे हासिल करने में कामयाब रहता हूम तभी में वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलिंपक में मेडल जीतने का दावा पेश कर सकूंगा।  

Todays Beets: