Thursday, July 16, 2020

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दिल्ली - मुंबई वापस नहीं जाएंगे यूपी के मजदूर! , योगी सरकार का प्रवासी मजदूरों के लिए मास्टर प्लान , यूपी को बनाएंगे उद्योग हब

अंग्वाल न्यूज डेस्क
दिल्ली - मुंबई वापस नहीं जाएंगे यूपी के मजदूर! , योगी सरकार का प्रवासी मजदूरों के लिए मास्टर प्लान , यूपी को बनाएंगे उद्योग हब

लखनऊ । कोरोना महामारी के बीच अपने गृहराज्यों की ओर रुख करने वाले मजदूरों का तांता लगा हुआ है । इसी बीच देश के विभिन्न कोनों से यूपी में मजदूर लौट रहे हैं । ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि एक बार कोरोना महामारी की स्थिति सामान्य होने पर अब शायद ही ये अपने गृहराज्य को छोड़कर फिर से दूसरे शहरों में जाएंगे । इसकी एक  वजह हाल के दौर में इन लोगों द्वारा देखा गया बहुत कठिन समय है , वहीं दूसरा कारण राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ऐसे लोगों के लिए राज्य में ही रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए बनाई जा रही रणनीति हो सकती है ।

इसी मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपनी एक टीम के साथ बैठक की, जिसमें मजदूरों की सुरक्षित वापसी के साथ ही लेबर रिफॉर्म कानून के जरिए गांवों और कस्बों में ही रोजगार देने की योजना बनाने पर चर्चा हुई । ऐसी खबरे हैं कि योगी सरकार का चीन के बड़े उद्यमों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को बांग्लादेश, वियतनाम जैसे देशों की तुलना में बेहतर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का बड़ा हब बनाने पर भी फोकस है ।

जानकारी के अनुसार , योगी सरकार दूसरे राज्यों में मजदूरी करने वाले राज्य के वासियों को अपने गांव कस्बे में ही रोजगार देकर राज्य में ही रखना चाहता है । इस दौरान सरकार उनके रोजगार को लेकर भी रणनीति बनाने में जुट गई है । इतना ही नहीं सरकार ने प्रवासी 20 लाख मजदूरों का स्किलिंग डाटा तैयार करने के निर्देश दिए हैं । सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाले कामगारों और श्रमिकों के लिए 20 लाख रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से एक रोडमैप तैयार किया जाए । 

विदित हो कि  मजदूरों को मनरेगा, एमएसएमई, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी), विश्वकर्मा सम्मान योजना, महिला स्वयं सहायता समूह, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, गाय आश्रय, दुग्ध समितियां और प्लांट नर्सरी से जोड़ा जाना चाहिए. मनरेगा, ईंट भट्ठों के अलावा चीनी मिलों और एमएसएमई सेक्टरों में रोजगार दिया जा रहा है । इतना ही नहीं यूपी सरकार रेडिमेड गार्मेंट के कारोबार के साथ ही साथ इत्र, धूप बत्ती, अगरबत्ती, एग्री प्रोडक्ट्स, फूड पैकेजिंग और गौ आधारित कृषि के उत्पादों, फूल आधारित उत्पादों, कंपोस्ट खाद आदि के कारोबार पर रणनीति बनाने में जुटी है । 

योगी सरकार ने कहा कि सबको रोजगार देने के लिए लेबर रिफॉर्म कानून ला रहे हैं. लेबर रिफॉर्म से मजदूरों और कामगारों को बड़ा फायदा होगा, रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं बढेंगी, तेजी से यूपी की अर्थव्यवस्था भी दौड़ेगी । लेबर रिफॉर्म में हर श्रमिक को रोजगार के साथ ही न्यूनतम 15 हजार रुपये वेतन की गारंटी मिलेगी । नई इकाइयों के साथ ही पुरानी इकाइयों में भी नई भर्तियों में लेबर रिफॉर्म कानून लागू होगा। 


श्रमिकों के साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी रोजगार पैदा करने की रणनीति बनाई जा रही है । महिला कामगारों के लिए महिला सुरक्षा कानून के तहत सुरक्षा की गारंटी दी जाएगी ।

इस मुद्दे पर यूपी के अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि कैबिनेट ने श्रम कानून में संशोधन करने का फैसला किया है, जल्द ही आदेश भी जारी कर दिया जाएगा । उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आ रहे करीब 20 लाख श्रमिक और कामगार को विभिन्न इकोनॉमिक सेक्टर्स में रोजगार देने की व्यवस्था सुनिश्चित करें । इसके लिए उन सेक्टर्स से बातचीत जारी है कि जहां तुरंत रोजगार के अवसर हैं ।

उन्होंने बताया कि औद्योगिक इकाइयों में वेतन देने की कार्यवाही करते हुए 56,696 इकाइयों में 641 करोड़ रुपये वितरण किए गए हैं । अब तक 31 लाख 23 हजार कामगारों को 312 करोड़ की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है ।

 

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