Thursday, January 23, 2020

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JDU में नागरिकता संशोधन बिल पर मचा घमासान , PK के बाद पार्टी प्रवक्ता ने नीतीश से पुनर्विचार को कहा 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
JDU में नागरिकता संशोधन बिल पर मचा घमासान , PK के बाद पार्टी प्रवक्ता ने नीतीश से पुनर्विचार को कहा 

पटना । केंद्र की मोदी सरकार ने सोमवार देर रात नागरिक संशोधन बिल को लोकसभा से पारित करवा लिया । इस दौरान इस बिल के समर्थन में बीजद , एआईएडीएमके , शिवसेना , वाईएसआर कांग्रेस समेत जदयू भी उतरा । इसके बाद मंगलवार सुबह जहां शिवसेना ने झटका देते हुए राज्यसभा में समर्थन को लेकर संशय की स्थिति उत्पन्न की , वहीं जदयू में भी इस बिल के समर्थन में उतरने को लेकर पार्टी के भीतर घमासान मच गया है । पार्टी उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर के बाद अब पवन वर्मा ने भी मोदी सरकार के इस नागरिक संशोधन बिल पर अपना विरोध दर्ज करवाया है । इन नेताओं ने अपने नेता नीतीश कुमार से फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है । 

बता दें कि लोकसभा में करीब 12 घंटे की बहस के बाद सोमवार देर रात नागरिक संशोधन विधेयक को पारित करवाने में मोदी सरकार सफल हुई । लेकिन मंगलवार को इस विधेयक के विरोध में गुवाहाटी से लेकर दिल्ली तक कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है । 

शिवसेना नेता संजय राउत ने भी मोदी सरकार को झटका देते हुए कहा - राज्यसभा में हम इस बिल पर अलग राय रख सकते हैं । इसके बाद जदयू में इस विधेयक को समर्थन करने पर पार्टी में घमासान मच गया है । गौरतलब है कि लोकसभा में जदयू ने नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन किया है ।  लोकसभा में जदयू के कुल 16 सांसद हैं , जबकि राज्यसभा में जदयू के कुल 6 सांसद हैं।

पार्टी के इस रुख पर पहले पार्टी उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने इस विधेयक का समर्थन करने पर नाराजगी जताई । उन्होंने ट्वीट कर इस बिल का विरोध किया । उन्होंने लिखा - जदयू के द्वारा नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन करना काफी निराशाजनक है । जदयू का इस मामले में समर्थन करना पार्टी के संविधान का भी उल्लंघन करता है और ये गांधी के विचारों के खिलाफ है। 

वहीं अब पार्टी प्रवक्ता पवन कुमार ने ट्वीट करते हुए अपना नाराजगी जाहिर की है । उन्होंने लिखा, ‘मैं नीतीश कुमार से अपील करता हूं कि राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल (CAB) पर समर्थन पर दोबारा विचार करें ।  ये बिल पूरी तरह से असंवैधानिक है और देश की एकता के खिलाफ है ।  ये बिल जदयू के मूल विचारों के भी खिलाफ हैं, गांधी जी इसका पूरी तरह से विरोध करते। 

बहरहाल , पहले से राज्यसभा में थोड़ी कमजोर भाजपा के लिए शिवसेना के बाद जदयू से इस तरह की बयानबाजी आना उनके समीकरण को बिगाड़ सकती है । राज्यसभा में ये बिल बुधवार को पेश होगा, इसपर बहस के लिए 6 घंटे का समय अलॉट किया गया है ।  

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