Wednesday, August 5, 2020

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कानपुर शूटआउट - शहीद CO देवेंद्र मिश्रा ने SHO विनोद तिवारी को भ्रष्टाचारी कहते हुए 8 बार की थी शिकायत , नहीं हुई कार्रवाई 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
कानपुर शूटआउट - शहीद CO देवेंद्र मिश्रा ने SHO विनोद तिवारी को भ्रष्टाचारी कहते हुए 8 बार की थी शिकायत , नहीं हुई कार्रवाई 

कानपुर । यूपी के हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके गुर्गों से मुठभेड़ के दौरान पुलिस के एक पुलिस अफसर समेत 8 जवानों के मुठभेड़ में शहीद होने का मामला गर्माता जा रहा है । इस पूरे मामले में घटना का एक बड़ा कारण पुलिसकर्मियों के बीच आपसी गतिरोध होना भी बताया जा रहा है । खबरें हैं कि इस शूटआउट से पहले विकास दुबे को मुखबरी कर पुलिस रेड की जानकारी देने वाले एसओ विनय तिवारी की इस शूटआउट में शहीद हुए सीओ देवेंद्र मिश्रा से अनबन चल रही थी । ऐसी खबरें हैं कि शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा ने विनय तिवारी को भ्रष्टाचारी करार देते हुए एक रिपोर्ट बनाई थी , जिसमें उन्होंने विनय तिवारी की जुए के कारोबार में भूमिका बताई थी ।

इस रिपोर्ट को उन्होंने अपने आला अधिकारियों को भेजा था, जिसमें उन्होंने विनोद पर आरोप लगाए थे कि वह मामलों की विवेचना में भी गड़बड़ी करता है । लेकिन दुखद रहा कि उसके खिलाफ पूर्व में कोई कार्रवाई ही नहीं हुई । हो सकता है कि इस सबका बदला लेने के लिए ही विनय तिवारी ने उनकी रात में रेड मारने की खबर हिस्ट्रीशीटर दुबे को मुखबरी करके दे दी , जिसके बाद बदमाशों ने देवेंद्र सिंह समेत 8 पुलिसकर्मियों को तीन तरफ से घेरकर गोलियां बरसाईं।

मिली जानकारी के अनुसार , शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा ने कुछ समय पहले अपने आला अफसरों को एक रिपोर्ट भेजी थी , जिसमें एसओ विनय तिवारी को जुआ खिलवाने वाला और जनता से अभद्र व्यवहार करने का दोषी बताया था । बावजूद इसके विनय तिवारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। सूत्रों के मुताबिक, शहीद सीओ ने विनय तिवारी के खिलाफ आठ जांच रिपोर्ट भेजी थी ।


सूत्रों का कहना है कि पिछले करीब 10 महीनों में सीओ देवेंद्र मिश्रा ने एसएचओ विनय तिवारी के खिलाफ कई शिकायतें की । यहां तक कि एक स्पेशल रिपोर्ट बनाकर विनय तिवारी को हटाने की सिफारिश की थी, लेकिन उच्च अधिकारियों की अनदेखी ने विनय तिवारी के हौंसले बढ़ा दिए । 

इस बीच अब पुलिस विभाग में यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर एक भ्रष्टाचारी पुलिस अफसर , जिसके खिलाफ उसका ही वरिष्ठ अधिकारी लगातार इतनी शिकायतें करता रहा , आखिर उसके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई ।बहरहाल , अब विनय तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया है , उसके साथ ही दो अऩ्य दरोगा और एक सिपाही को भी सस्पेंड किया गया है । इन सभी पर विकास दुबे से लगातार संपर्क बनाए रखने के आरोप लगे हैं । हालांकि इन सबकी इस कांड में संलिप्तता की जांच शुरू हो गई है ।

 

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