Saturday, August 8, 2020

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राजस्थान - अब स्पीकर के वीडियो टेप पर हंगामा - भाजपा बोली- जिस नैतिकता को लेकर कोर्ट गए थे , उसी आधार पर अब इस्तीफा दें

अंग्वाल न्यूज डेस्क
राजस्थान - अब स्पीकर के वीडियो टेप पर हंगामा - भाजपा बोली- जिस नैतिकता को लेकर कोर्ट गए थे , उसी आधार पर अब इस्तीफा दें

जयपुर । राजस्थान में जारी सियासी घमासान के बीच पिछले दिनों जहां ऑडियो टेप ने हंगामा मचाया , तो अब विवाद बढ़ाने के लिए एक ऑडियो टेप आ गया है । राजस्थान विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के बीच बातचीत के वीडियो पर अब भाजपा ने पलटवार शुरू कर दिया है । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि स्पीकर को नैतिकता के आधार पर पद छोड़ देना चाहिए । वीडियो टेप में जिस तरह की बातचीत हमने सुनी है, उससे ऐसा लगता है कि विधानसभा अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी से आते हैं और पार्टी के लिए पक्षपात कर रहे हैं । यह एक स्पीकर को शोभा नहीं देता है । 

आपको बता दें कि हाल में स्पीकर सीपी जोशी और वैभव गहलोत की मुलाकात का एक वीडियो सामने आया है , जिसमें दोनों राजस्थान सरकार को लेकर बातचीत कर रहे हैं । इस दौरान स्पीकर कह रहे हैं कि अभी हालात मुश्किल हैं । अगर 30 आदमी निकल जाते हैं तो आप कुछ नहीं कर सकते, वो सरकार गिरा देते । 

जानें क्या हुई है बातचीत

स्पीकर सीपी जोशी- मामला टफ है बहुत अभी

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स्पीकर सीपी जोशी- 30 आदमी निकल जाते हैं तो आप कुछ नहीं कर सकते । हल्ला करके रह जाते, वो सरकार गिरा देते । अपने हिसाब से उन्होने कांटैक्ट किया इसलिए हो गया । दूसरे के बस की बात नहीं थी ।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने हाल में सामने आए वीडियो को लेकर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा - स्पीकर संजीदा व्यक्ति हैं और ऐसे व्यक्ति पर जब इस तरह के सवाल उठे तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए । वीडियो टेप में स्पीकर  किसी सामान्य व्यक्ति से बात नहीं कर रहे हैं बल्कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे से बात कर रहे हैं ।  ऐसे में साफ लगता है कि वह कांग्रेस का साथ दे रहे हैं, जबकि संविधान के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष को निष्पक्ष रहना चाहिए ।

पूनिया ने कहा - एक तरफ विधानसभा अध्यक्ष हाईकोर्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए हैं कि हाई कोर्ट उनके विधायकों के नोटिस देने के मामले में लक्ष्मण रेखा पार कर रहा है और दूसरी तरफ वह खुद ही सारी मर्यादा तोड़कर इस तरह से 30 विधायकों के उधर चले जाने और सरकार बचा लेने की बातचीत कर रहे हैं ।

 

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