Thursday, February 20, 2020

Breaking News

   सुरक्षा परिषद के मंच का दुरुपयोग करके कश्मीर मसले को उछालने की कोशिश कर रहा PAK: भारतीय विदेश मंत्रालय     ||   IIM कोझिकोड में बोले पीएम मोदी- भारतीय चिंतन में दुनिया की बड़ी समस्याओं को हल करने का है सामर्थ    ||   बिहार में रेलवे ट्रैक पर आई बैलगाड़ी को ट्रेन ने मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत, 2 गंभीर रूप से घायल     ||   CAA और 370 पर बोले मालदीव के विदेश मंत्री- भारत जीवंत लोकतंत्र, दूसरे देशों को नहीं करना चाहिए दखल     ||   जेएनयू के वाइस चांसलर जगदीश कुमार ने कहा- हिंसा को लेकर यूनिवर्सिटी को बंद करने की कोई योजना नहीं     ||   मायावती का प्रियंका पर पलटवार- कांग्रेस ने की दलितों की अनदेखी, बनानी पड़ी BSP     ||   आर्मी चीफ पर भड़के चिदंबरम, कहा- आप सेना का काम संभालिए, राजनीति हमें करने दें     ||   राजस्थान: BJP प्रतिनिधिमंडल ने कोटा के अस्पताल का दौरा किया, 48 घंटों में 10 नवजात शिशुओं की हुई थी मौत     ||   दिल्ली: दरियागंज हिंसा के 15 आरोपियों की जमानत याचिका पर 7 जनवरी को सुनवाई करेगा तीस हजारी कोर्ट     ||   रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सुरक्षा में चूक, मोटरसाइकिल काफिले के सामने आया शख्स     ||

 बेहतर फोटो के लिए सिर्फ मेगापिक्सल ही नहीं जिम्मेदार, इन टेक्नोलाॅजी का होना जरूरी 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
 बेहतर फोटो के लिए सिर्फ मेगापिक्सल ही नहीं जिम्मेदार, इन टेक्नोलाॅजी का होना जरूरी 

नई दिल्ली। आजकल डिजिटल कैमरे की जगह स्मार्टफोन ने ले लिया है। फोन इस्तेमाल करने से ज्यादा उनका मकसद बेहतर कैमरे का होता है। फोटो बेतहरीन आए इसके लिए हम ज्यादा मेगापिक्सल वाले फोन खरीदने पर जोर देते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि फोटो की क्वालिटी सिर्फ मेगापिक्सल पर नहीं बल्कि कुछ और भी चीजों पर निर्भर करती है। आइए इसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।  

गौरतलब है कि एक मेगापिक्सल में 10 लाख पिक्सल होते हैं। मेगापिक्सल पिक्चर की मेजरमेंट यूनिट है। आपको बता दें कि पिक्चर कई लाख पिक्सल्स से मिलकर बनती है ऐसे में पिक्सल्स जितने ज्यादा होंगे फोटो उतनी ही अच्छी आएगी। दरअसल, पिक्सल्स फोटो की साइज और क्वालिटी को बेहतर करते हैं। 

ये भी पढ़ें - अब आप बिना व्हाट्सऐप खोले भी भेज सकेंगे संदेश, जानें नए फीचर के बारे में


आमतौर पर आपने लोगों को कहते भी सुना होगा की पिक्चर के पिक्सल्स फट रहे हैं। इसका कारण कम मेगापिक्सल्स होना ही होता है। 8 मेगापिक्सल के कैमरे से खींची गई फोटो का एक बड़ा पोस्टर साइज प्रिंटआउट निकाला जा सकता है। दो या तीन मेगापिक्सल के कैमरे से ए4 या ए3 साइज का प्रिंट लिया जा सकता है। फोटो कितनी बड़ी होगी और बड़ी होकर उसकी क्वालिटी कितनी बेहतर होगी यह पिक्सल्स पर निर्भर करता है।

बेहतर फोटो के लिए मेगापिक्सल के साथ ही कैमरे के लेंस और उसकी क्षेत्र स्पीड भी जरूरी है। डिजिटल कैमरे में शटर स्पीड का मतलब है की किसी ऑब्जेक्ट को क्लिक करते समय कैमरा का सेंसर कितने देर तक ओपन रहेगा। शटर स्पीड जितनी कम होगी उतना अच्छा होगा। अलग-अलग शटर क्वालिटी के कारण इमेज क्वालिटी में अंतर आता है। ऐसे में मेगापिक्सल का मतलब यह नहीं है की आपके कैमरे की क्वालिटी भी अच्छी हो।

 

Todays Beets: