Sunday, October 25, 2020

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उत्तराखंड के शिक्षक विहिन स्कूलों में सेटेलाइट की मदद से होगी पढ़ाई , पिथौरागढ़ के 40 कॉलेजों में आईसीटी लैब स्थापित 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
उत्तराखंड के शिक्षक विहिन स्कूलों में सेटेलाइट की मदद से होगी पढ़ाई , पिथौरागढ़ के 40 कॉलेजों में आईसीटी लैब स्थापित 

पिथौरागढ़ । इसे सरकार की उदासीनता कहा जाए या तकनीकी युग की नई व्यवस्था कि शिक्षक विहीन स्कूलों के विद्यार्थी अब सेटेलाइट के माध्यम से लाइव टेलीकास्ट के जरिए पढ़ाई करेंगे । एक रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के करीब 60 फीसदी ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र के स्कूलों में गणित और साइंस के शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में हजारों छात्र बिना पढ़ाई के परीक्षा में बैठते हैं। ऐसे छात्रों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इंफारमेशन एंड कम्यूनिकेशन टेक्नालॉजी को राज्य के शिक्षक विहिन स्कूलों में लागू करने की योजना बनाई है । मिली जानकारी के अनुसार , राज्य के ऐसे करीब 500 स्कूलों को इस आईसीटी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा । इसी के तहत अभी तक पिथौरागढ़ के ऐसे 40 स्कूलों में आईसीटी लैब की स्थापना हो गई है । 

शिक्षा विभाग के अफसरों से मिली सूचना के मुताबिक , जिन स्कूलों में आईसीटी लैब स्थापित की जा रही है, उन्हें देहरादून स्थित केंद्र से जोड़ा जाएगा । देहरादून स्थित क्लास रूप में जो पढ़ाया जाएगा , उसे वीडियो के जरिए ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में मौजूद स्कूली विद्यार्थियों को लाइव टेलिकास्ट के जरिए स्कूल में लगे एईडी टीवी पर दिखाया जाएगा। इसमें सेटेलाइट की मदद ली जाएगी । 

असल में उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों की टक्कर में लाने के लिए शिक्षा के स्तर में सुधार की कवायद तेज हुई है । पिछले कुछ सालों में जहां राज्य के कई ग्रामीण और दुरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में मात्र 1 शिक्षक के भरोसे स्कूल चलाया जा रहा था , वहां अब तकनीक की मदद से इन विद्यार्थियों तक राहत पहुंचाई जा रही है । 


अगर बात पिथौरागढ़ जिले की करें तो , जिले के करीब 215 सरकारी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज में 30 हजार के करीब विद्यार्थी पढ़ते हैं। दुखद है कि यहां के भी दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्र के 60 फीसदी स्कूलों में गणित और विज्ञान के शिक्षक नहीं हैं। इस संकट को दूर करने के लिए सरकार आईसीटी व्यवस्था को यहां के 40 स्कूलों में लागू कर रही है , जिसके तहत लैब की स्थापना हो गई है। इनमें पिथौरागढ़ में धारचूला के दुर्गम में स्थित GIC पांगू और मुनस्यारी के जीआईसी बांसबगढ़ सहित कुल 40 स्कूल शामिल किए गए हैं। शुरुआत में केवल हाईस्कूल के बच्चों की कक्षाएं चलेंगी। आईसीटी लैब स्थापित होने से छात्र-छात्राओं को स्कूल में शिक्षक का पद रिक्त होने की कमी नहीं खलेगी।

आईसीटी लैब में बैठने वाले छात्र केवल गणित, विज्ञान ही नहीं बल्कि स्कूल में जिस विषय के शिक्षक नहीं हैं उस विषय की पढ़ाई कर सकेंगे। 

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