Tuesday, November 30, 2021

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केदारनाथ पहुंचे PM मोदी ने कहा - उत्तराखंड के पलायन को रोकना जरूरी , अगल दशक अब देवभूमि का

अंग्वाल न्यूज डेस्क
केदारनाथ पहुंचे PM मोदी ने कहा - उत्तराखंड के पलायन को रोकना जरूरी , अगल दशक अब देवभूमि का

केदारनाथ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बाबा केदारनाथ के धाम पहुंचे । इस दौरान उन्होंने 130 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्धाटन किया । इस दौरान उन्होंने संबोधन में कहा - जब भी मैं केदारनाथ आता हूं, यहां के कण-कण से जुड़ जाता हूं । इसी सिलसिले में यहां तीर्थ पुरोहितों के लिए भी सुविधाएं देने का प्रयास किया है । आदि भूमि की सेवा करने का मुझे सौभाग्य मिला है । पुरोहितों के भक्तिभाव को मेरा प्रणाम । आने वाले समय में  अब श्रद्धालुओं का तीर्थाटन और सुगम होने के साथ सुखमय होगा । अपने विश्वास को अपनी आंखों से देखना सुखद होता है। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहाड़ का पानी, पहाड़ की जवानी कभी पहाड़ के काम आता नहीं , लेकिन अब पानी भी पहाड़ के काम आएगी । जवानी भी पहाड़ के काम आएगी. उत्तराखंड से पलायन को रोकना है । अगला दशक उत्तराखंड का है। मोदी बोले यहां पर्यटन को काफी बढ़ने वाला है ।

देश के मठ हमारे साथ जुड़े हैं

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा - आप सभी आदि शंकराचार्य की समाधि के उद्धाटन के साक्षी हैं । उनके भक्त यहां उत्साह के साथ मौजूद हैं । देश के सभी मठ और  ज्योतिर्लिंग आज हमारे साथ जुड़े हैं । पीएम मोदी ने कहा कि केदारनाथ आते ही यहां के कण-कण से जुड़ जाता हूं । उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का दृश्य अद्भुत था । उस समाधि के आगे बैठना दिव्य अनुभूति है। पीएम मोदी ने कहा, आज सभी मठों, 12 ज्योतिर्लिंगों, अनेक शिवालयों, शक्ति धाम,अनेक तीर्थ क्षेत्रों पर देश के गणमान्य महापुरुष, पूज्य शंकराचार्य परंपरा से जुड़े हुए सभी वरिष्ठ ऋषि, मनीषी और अनेक श्रद्धालु भी देश के हर कोने से केदारनाथ की इस पवित्र भूमि के साथ हमें आशीर्वाद दे रहे हैं । 

कई सुविधाओं की शुरुआत

उन्होंने कहा - आज यात्री सेवाओं और उनकी सुविधाओं से जुड़ी कई सुविधाओं की शुरुआत हुई है । यात्रियों और इस इलाके के लोगों की सुविधाओं के लिए सभी सुविधाओं से युक्त अस्पताल और यहां बना सेंटर सभी श्रद्धालुओं और यात्रियों की केदारनाथ यात्रा को और सुलभ बनाएगा। 

'गोवर्धन पूजा के दिन दर्शन करना सौभाग्य'

वह बोले - गोवर्धन पूजा के दिन बाबा केदारनाथ का दर्शन करना सौभाग्य की बात है । इस दौरान आदि शंकराचार्य की मूर्ति के सामने बैठकर ध्यान करते समय लगा कि उनकी मूर्ति से प्रवाहित हो रहे तेजपुंज से पूरे भारत का विश्वास मजबूत हो रहा है । शंकराचार्य जी की समाधि एक बार फिर भव्य रूप से हमारे बीच मौजूद है । यहां मंदाकिनी नदी पर बने पुल से गरुण चट्टी का मार्ग भी सुगम किया गया है । 


हुआ नुकसान अकल्पनीय

पीएम मोदी ने कहा, बरसों पहले जो नुकसान यहां हुआ था, वो अकल्पनीय था । जो लोग यहां आते थे, वो सोचते थे कि क्या ये हमारा केदार धाम फिर से उठ खड़ा होगा? लेकिन मेरे भीतर की आवाज कह रही थी की ये पहले से अधिक आन-बान-शान के साथ खड़ा होगा। इस आदि भूमि पर शाश्वत के साथ आधुनिकता का ये मेल, विकास के ये काम भगवान शंकर की सहज कृपा का ही परिणाम हैं ।

विकास कार्यों की करता हूं समीक्षा

पीएम मोदी ने आगे कहा, मैं दिल्ली में अपने दफ्तर से लगातार केदारनाथ में विकास कार्यों का जायजा लेता रहता था ।  ड्रोन फुटेज के जरिए मैंने विकास कार्यों की समीक्षा की । पीएम मोदी ने कहा, शंकर का संस्कृत में अर्थ है- “शं करोति सः शंकरः” यानी, जो कल्याण करे, वही शंकर है । इस व्याकरण को भी आचार्य शंकर ने प्रत्यक्ष प्रमाणित कर दिया. उनका पूरा जीवन जितना असाधारण था, उतना ही वो जन-साधारण के कल्याण के लिए समर्पित थे ।

धर्म को केवल रूढ़ियों से जोड़कर देखते थे

वह बोले - एक समय था जब आध्यात्म को, धर्म को केवल रूढ़ियों से जोड़कर देखा जाने लगा था । लेकिन, भारतीय दर्शन तो मानव कल्याण की बात करता है, जीवन को पूर्णता के साथ, समग्र नजरिए में देखता है । आदि शंकराचार्य ने समाज को इस सत्य से परिचित कराने का काम किया । 

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