Wednesday, November 13, 2019

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उत्तराखंड के ढांचागत विकास को मजबूती देने के लिए 12 हजार करोड़ की परियोजनाएं , बदलेगी देवभूमि की सूरत

अंग्वाल न्यूज डेस्क
उत्तराखंड के ढांचागत विकास को मजबूती देने के लिए 12 हजार करोड़ की परियोजनाएं , बदलेगी देवभूमि की सूरत

देहरादून । उत्तराखंड के कमजोर ढांचागत विकास को मजबूत करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने बाह्य सहायतित योजनाओं (EAP) की मद में राज्य को चालू वित्तीय वर्ष में ही 12 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं को हरी झंडी दिखा दी है । केंद्र और राज्य की त्रिवेंद्र सरकार ने कई दौर की बैठकों के बाद अब डबल इंजन की सरकार विकास के नए आयाम स्थापित करती नजर आ रही है। केंद्र की ओर से मिलने वाली राहत के चलते 2000 करोड़ से ज्यादा पेयजल और डेढ़ हजार करोड़ से अधिक सीवरेज कवरेज की योजनाओं से प्रदेश के बड़े हिस्से यानी 50 लाख से ज्यादा आबादी को राहत मिलने जा रही है। इसी क्रम में 1300 करोड़ से सभी 13 जिला मुख्यालयों समेत 16 शहरों में बदसूरत सड़कों और बदहाल पार्किंग को दुरुस्त किया जाएगा। जानकारों का कहना है कि अगर ये योजनाएं समय रहते पूरी होती हैं तो आने वाले समय में उत्तराखंड में पर्यटन को काफी बल मिलेगा । पिछले 10 माह की बात करें तो इस समय अंतराल में उत्तराखंड ईएपी में 12 हजार करोड़ से ज्यादा योजनाओं को मंजूरी मिली है । इसी तरह साढ़े छह हजार करोड़ की योजनाएं ईएपी मद में मंजूरी के लिए पाइपलाइन में हैं।

इन योजनाओं के पूरे होने का रहेगा इंतजार

इस सब के बीच बता दें कि जिन योजनाओं के बल पर  केंद्र और रावत सरकार ने उत्तराखंड को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने की योजना बनाई है , उसमें एडीबी सहायतित नगर सेक्टर अवस्थापना विकास परियोजना भी है , जिस पर 1750 करोड़ रुपये खर्च होंगे । इसी क्रम में विश्वबैंक पोषित उत्तराखंड आपदा पुनर्निर्माण परियोजना है , जिसके लिए 960 करोड़ की अतिरिक्त फंडिंग होगी । वहीं जर्मनी पोषित हरिद्वार और ऋषिकेश की 1075 करोड़ की सीवरेज परियोजना , 1400 करोड़ का एडीबी सहायतित उत्तराखंड विद्युत पारेषण सुदृढ़ीकरण और वितरण उन्नयन कार्यक्रम । 400 करोड़ की उत्तराखंड एकीकृत औद्योनिकी विकास परियोजना , 1250 करोड़ की नगरीय पेयजल योजना , 600 करोड़ से ग्रामीण उद्योगों का सृजन और कायाकल्प योजना । 910 करोड़ से उत्तराखंड जल प्रबंधन परियोजना। इसके साथ ही 1300 करोड़ की 16 शहरों में अवस्थापना विकास योजना समेत कुछ अन्य योजनाएं शामिल हैं । 

ढांचागत विकास को मजबूत करने का काम


बता दें कि उत्तराखंड के कमजोर ढांचागत विकास को केंद्र सरकार ने मजबूत करने का काम किया है । असल में इस समय प्रदेश में बुनियादी सुविधाएं दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंच तो रही हैं लेकिन उनकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं । लेकिन अब अवसंरचनात्मक विकास में तेजी की उम्मीदों को मूर्त रूप देने में ईएपी बड़ी भूमिका निभाने जा रही है। इस मद में केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 90:10 की है।

ढाई हजार करोड़ की योजनाएं बैंकों के दरवाजे 

जानकारों का कहना है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले 1 साल में सभी योजनाएं शुरू हो जाएंगी , जिसके चलते अगले कुछ सालों में उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी विकास नजर आने लगेगा । करीब ढाई हजार करोड़ की योजनाएं बैंकों के दरवाजे तक पहुंच गई हैं।   

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