Monday, August 26, 2019

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उत्तराखंड: पूर्व मुख्यमंत्रियों को हाईकोर्नट से नहीं मिली राहत, अब जमा करना ही होगा बकाया किराया

अंग्वाल संवाददाता
उत्तराखंड: पूर्व मुख्यमंत्रियों को हाईकोर्नट से नहीं मिली राहत, अब जमा करना ही होगा बकाया किराया

देहरादून । नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों को बड़ा झटका देते हुए सरकारी आवास व अन्य सुविधाओं का बकाया माफ करने संबंधी पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है । राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा व भगत सिंह कोश्यारी की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका पर मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति रमेश चन्द्र खुल्बे की खण्डपीठ ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए उनकी याचिका को खारिज कर दिया है । हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्रियों को बकाया किराया जमा करना होगा। बहुगुणा के आवास का किराया प्रति माह करीब 39 हजार निर्धारित किया गया है। वहीं कोश्यारी पर कुल 47 लाख व विजय बहुगुणा पर 37 लाख का बकाया है ।

विदित हो कि पूर्व सीएम भगतसिंह कोश्यारी व विजय बहुगुणा ने हाईकोर्ट में सरकारी आवास व अन्य सुविधाओं का बकाया माफ करने संबंधी पुनर्विचार याचिका दायर की थी । इसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कार्यकाल का किराया बाजार दर पर वसूलने के आदेश पर पुनर्विचार की अपील की थी। पूर्व मुख्यमंत्री भगतसिंह कोश्यारी ने अपनी पुनर्विचार याचिका में कहा है कि उनसे 30 हजार पांच सौ रुपये प्रतिमाह के दर से किराया वसूला जा रहा है।


कोश्यारी ने कहा है कि जो आवास उन्हें आवंटित हुआ था वह सिंचाई विभाग की संपत्ति है और किराया भी सिंचाई विभाग को वसूलना चाहिए। पूर्व सीएम विजय बहुगुणा ने भी बाजार दर पर किराया वसूलने के आदेश पर पुनर्विचार की अपील की थी।

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