Friday, September 20, 2019

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उत्तराखंड में बढ़ रहा स्तन कैंसर , दून मेडिकल कॉलेज के अध्ययन में खुलासा , जागरुकता अभियान चलाने का फैसला

अंग्वाल न्यूज डेस्क
उत्तराखंड में बढ़ रहा स्तन कैंसर , दून मेडिकल कॉलेज के अध्ययन में खुलासा , जागरुकता अभियान चलाने का फैसला

देहरादून । हाल में आई एक रिपोर्ट में सामने आया था कि देशभर में सबसे ज्यादा कैंसर के मामले उत्तराखंड से सामने आ रहे हैं। उस रिपोर्ट के बाद एक बार फिर से दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय की एक रिपोर्ट सामने आई है , जिसमें सामने आया है कि उत्तराखंड में अन्य कैंसरों की तुलना में स्तन कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है । मेडिकल कॉलेज ने पिछले डेढ़ माह में 59 कैंसर के मरीजों का इलाज किया, जिसमें से सबसे ज्यादा 23 मामले स्तन कैंसर के उनके सामने आए हैं। यह कुल मरीजों की संख्या का 30 से 40 फीसदी है । हालांकि पिछले दिनों आई एक अन्य रिपोर्ट में सामने आया था कि हर आठ में से 1 को स्तन कैंसर होता है, हालांकि यह आंकड़ा देशभर का था । इस रिपोर्ट के बाद अस्पताल प्रशासन ने महिलाओं को स्तन कैंसर के प्रति जागरूक करने के लिए येह अभियान चलाने का फैसला लिया है । 

बता दें कि पिछले कुछ सालों में कैंसर ने उत्तराखंड में जिस तरह पांव पसारे हैं, उससे लोग काफी चिंतित हैं। इस सब के बीच दून मेडिकल कॉलेज ने अपनी एक रिपोर्ट जारी की है , जिसमें कहा गया है कि राज्य में स्तन कैंसर का खतरा बढ़ रहा है । इस मामले में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि हाल में हमने एक अध्ययन में पाया है कि गला, बच्चेदानी, ब्लड , समेत अन्य तरह के कैंसर में से स्तन कैंसर ऐसा है जो राज्य में ज्यादा बढ़ता दिख रहा है । हालांकि स्तन कैंसर की अगर समय रहते पहचान हो जाए तो मरीजों की सर्जरी एवं कीमोथैरेपी के जरिए उनका इलाज किया जाता है । इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि स्तन कैंसर की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड, मेमोग्राफी और बायप्सी होती है। महिलाएं एवं युवती प्रारंभिक लक्षण दिखने पर जांच करा सकती हैं। 

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इस दौरान उन्होंने बताया कि 40 वर्ष से अधिक उम्र होने पर हर महिला को अपने स्तनों का परीक्षण स्वयं करना चाहिए। अगर स्तन में किसी तरह की गांठ महसूस हो, तो सबसे पहले महिला रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। महिला रोग विशेषज्ञ से परामर्श के बाद कैंसर रोग विशेषज्ञों की सलाह लेनी चाहिए।

उन्होंने इस दौरान साफ किया कि शरीर में पाई जाने वाली हर गांठ कैंसर की नहीं होती है । ऐसे में लोगों को घबराने और अपने से ही कोई धारणा मान लेना सही नहीं है । बात अगर स्तन में मौजूद गांठ की करें , तो इसके लिए महिलाएं खुद भी जांच कर सकती है और दूसरा कोई गांठ होने पर डॉक्टर से इस संबंध में परामर्श कर सकती हैं।

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