Saturday, January 29, 2022

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हरीश रावत चुनाव लड़ने के नहीं दिख रहे इच्छुक , बोले - चुनाव लड़वाने की इच्छा है

अंग्वाल न्यूज डेस्क
हरीश रावत चुनाव लड़ने के नहीं दिख रहे इच्छुक , बोले - चुनाव लड़वाने की इच्छा है

देहरादून । उत्तराखंड में चुनाव प्रचार को लेकर पिछले दिनों पार्टी आलाकमान से नाराज बताए जा रहे पूर्व मुख्यमंत्री और चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष हरीश रावत शायद इस बार विधानसभा चुनाव न लड़ें । हाल में उन्होंने खुद इस बात के संकेत दिए हैं कि वह इस बार चुनाव लड़ने के बजाए चुनाव लड़वाने के ज्यादा इच्छुक हैं । राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान से एक महीने पहले उनकी ओर से आ रहे संदेशों के बाद राज्य के सियासी गलियारे में सुगबुगाहट तेज हो गई है । 

विदित हो कि उत्तराखंड कांग्रेस में पिछले कुछ सालों में काफी उठापटक देखी है । पिछले दिनों चुनाव प्रचार की रणनीति को लेकर ऐसी खबरें आईं कि हरीश रावत नाराज हो गए थे , जिसके बाद उन्हें दिल्ली तलब किया गया था । दिल्ली से लौटने के बाद उन्हें चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया और उनकी रणनीति पर ही इस बार चुनाव लड़े जा रहे हैं । 

हालांकि इस सबके बीच हरीश रावत ने मतदान से एक माह पहले विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने की ओर इशारा किया है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि वे चुनाव लड़वाएं। हालांकि उनकी उम्मीदवारी पर अंतिम फैसला कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति लेगी। इससे पहले खबरें थीं कि रावत डीडीहाट सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। पिथौरागढ़ में कांग्रेस नेताओं की बैठक में यह फैसला लिया गया था। इस प्रस्ताव को चुनाव समिति को भेजा गया था। दरअसल डीडीहाट से भाजपा के कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल 5 बार से विधायक हैं। कांग्रेस चाहती है कि हरीश रावत यहां से चुनाव लड़ें ताकि पार्टी को इसका फायदा हो सके।


इस बीच पार्टी हाईकमान भी साफ कर चुकी है कि इस बार राज्य में चुनावी चेहरा हरीश रावत ही होंगे । उत्तराखंड में हरीश रावत के नाम पर लोकल कनेक्ट का भी फायदा मिलता है। 

असल में  कुछ दिनों पहले हरीश रावत ने एक ट्वीट कर सबको चौंका दिया था, उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस संगठन पर सवाल उठाए थे। इतना ही नहीं उन्होंने ट्वीट किया था कि अब बहुत हो गया, विश्राम का समय है। हालांकि, रावत के इस ट्वीट के बाद कांग्रेस डैमेज कंट्रोल मोड पर आ गई थी। इसके बाद हरीश रावत को दिल्ली तलब किया गया था। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद उत्तराखंड कांग्रेस में सुलह हो गई और रावत के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया गया।

बहरहाल , उत्तराखंड में 14 फरवरी को सभी 70 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। 10 मार्च को नतीजे आएंगे। बड़े दलों में आम आदमी पार्टी और भाजपा के अलावा कांग्रेस इस चुनावी मैदान में हैं।  

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