Thursday, July 16, 2020

Breaking News

   राजस्थान में फिर सियासी ड्रामा, BJP के बहाने गहलोत-पायलट में ठनी     ||   कानपुर गोलीकांड की जांच के लिए एसआईटी गठित, 31 जुलाई तक सौंपनी होगी रिपोर्ट     ||   धमकी देकर फरीदाबाद में रिश्तेदार के घर रुका था विकास, अमर दुबे से हुआ था झगड़ा     ||   राजस्थान: विधायकों को राज्य से बाहर जाने से रोकने के लिए सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी     ||   हार्दिक पटेल गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त     ||   गुवाहाटी केंद्रीय जेल में बंद आरटीआई कार्यकर्ता अखिल गोगोई समेत 33 कैदी कोरोना पॉजिटिव     ||   अमिताभ बच्चन कोरोना पॉजिटिव, नानावती अस्पताल में कराए गए भर्ती     ||   राजस्थान सरकार का प्राइवेट स्कूलों को आदेश- स्कूल खुलने तक फीस न लें     ||   गुजरात सरकार में मंत्री रमन पाटकर कोरोना वायरस से संक्रमित     ||   विकास दुबे पर पुलिस की नाकामी से भड़के योगी, खुद रख रहे ऑपरेशन पर नजर!     ||

केदारनाथ धाम के कपाट पूर्व निर्धारित 29 अप्रैल को ही खुलेंगे , पहले बदला गया था समय

अंग्वाल संवाददाता

केदारनाथ धाम के कपाट पूर्व निर्धारित 29 अप्रैल को ही खुलेंगे , पहले बदला गया था समय

रुद्रप्रयाग । उत्तराखंड के चार धामों में से एक केदारनाथ से जुड़ी एक अच्छी खबर है । सूचना है कि केदारनाथ धाम के कपाट अब अपने पूर्व निर्धारित तिथि पर ही खुलेंगे । कपाट खुलने को लेकर पंचगद्दी स्थल ऊखीमठ में आयोजित हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया । बैठक में हुए फैसले को शासन - प्रशासन के पास भेज दिया गया है ।  इससे पहले सोमवार को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि और मुहुर्त बदल दिया गया था । पर्यटन और धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने केदारनाथ धाम के कपाट भी 14 मई को खुलने का ऐलान कर दिया था हालांकि बाद में तीर्थ-पुरोहितों और हक-हकूकधारियों के दबाव के बाद उन्होंने अपना बया बदल लिया और मंगलवार होने वाली बैठक में फ़ैसला लेने की बात कही थी । 

बता दें कि पहले केदारनाथ धाम के कपाट खुलने का समय 29 अप्रैल तय हो गया था , लेकिन कोरोना के चलते इसके समय में बदलाव किया गया । खुद धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने कहा था कि अब केदारनाथ धाम के कपाट 14 मई को खोले जाएंगे , लेकिन अब इसको लेकर मंगलवार एक मंथन बैठक हुई । 


बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह की अध्यक्षता में पंचगद्दी स्थल ऊखीमठ में हुई बैठक में  ऊखीमठ एसडीएम भी शामिल हुए । इस बैठक में फैसला लिया गया कि शासन द्वारा सोशल डिस्टेन्स को लेकर जारी सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा । वहीं बैठक में वेदपाठियों का कहना था कि बदरीनाथ और केदारनाथ की पूजा पद्धति बिल्कुल भिन्न है । बदरीनाथ में गर्भगृह में केवल रावल ही पूजा कर सकते हैं जो अभी क्वारेंटीन में हैं जबकि केदारनाथ धाम में रावल नहीं बल्कि उनके द्वारा निर्धारित शिष्य पूजा करते हैं । ऐसे में रावल के क्वारेंटीन में होने का भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

Todays Beets: