Thursday, June 27, 2019

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पौड़ी सीट पर सांसद बीसी खंडूरी के बेटे- 'चेले' में महासंग्राम! , मनीष को आशिर्वाद - तीरथ को साथ देने का किया ऐलान

अंग्वाल न्यूज डेस्क
पौड़ी सीट पर सांसद बीसी खंडूरी के बेटे-

पौड़ी । उत्तराखंड में लोकसभा चुनावों के लिए यूं तो हर सीट पर उम्मीदवारों से जुड़ी कुछ न कुछ किस्सा कहानी है, लेकिन पौड़ी गढ़वाल सीट पर एक अजब संयोग भी है। असल में इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों का सीधा जुड़ाव  राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूरी से है। इस बार कांग्रेस ने जहां उनके पुत्र मनीष खंडूरी को चुनाव मैदान में उतार रही है, वहीं भाजपा ने एक समय मेजर जनरल खंडूरी के सबसे करीबी कहने जाने वाले पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय सचिव तीरथ सिंह रावत को अपनी उम्मीदवार बनाया है। अब जनता कह रही है कि इस बार खंडूरी के बेटे और चेले के बीच चुनवी मैदान में शब्दों से रणनीतियों के तीर चलेंगे।

बेटे को आशीर्वाद-चेले को साथ

गढ़वाल सीट पर बन रहे सियासी समीकरणों के बीच अब सांसद खंडूरी के लिए एक तरह जहां बेटा है वहीं दूसरी तरफ संगठन और अपने प्रिय 'चेला' , लेकिन खुद खंडूरी सीनियर इस बात का ऐलान कर चुके हैं कि उनके बेटे ने भले ही अपनी समझ से फैसला लेते हुए कांग्रेस में शामिल होने का निर्णय लिया हो, वह उसे आशीर्वाद तो देते हैं लेकिन साथ अपने संगठन भाजपा और उसके उम्मीदवार तीरथ सिंह रावत का ही देंगे। उन्होंने हाल में कहा कि अगर संगठन उन्हें अपने बेटे के खिलाफ प्रचार करने के लिए कहेंगा तो वह इसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा था कि वह अपने संगठन के प्रति निष्ठावान हैं।

सैन्य पृष्ठभूमि से उम्मीदवार की थी संभावना

बता दें कि पुलवामा हमले के बाद इस सीट पर किसी सैन्य पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार के उतारे जाने की संभावना जताई जा रही थी। इस क्षेत्र से बहुताय संख्या में मतदाता सैनिक परिवारों और सेना से जुड़े हुए हैं। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा से उम्मीद जताई जा रही थी वह किसी ऐसे उम्मीदवार को चुनेंगे जो सैन्य पृष्ठभूमि का हो। यही कारण रहा कि भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता कर्नल अजय कोठियाल से भी मिले थे। लेकिन भाजपा ने जहां संगठन से कर्मठ कार्यकर्ता और राष्ट्रीय सचिव तीरथ सिंह रावत को चुनाव , कांग्रेस ने मेजर जनरल खंडूरी के बेटे पर दाव खेलने की योजना बनाई है।


84 के बाद सीट पर भाजपा का दबदबा

बता दें कि इस लोकसभा सीट पर अभी तक 16 लोकसभा चुनाव हुए हैं, जिसमें से 8 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। हालांकि 1984 के बाद से कांग्रेस के लिए यह सीट काफी दूर की कौड़ी साबित हो रही है। इस सीट को अब भाजपा के दबदबे वाली कहा जाता है। गढ़वाल लोकसभा सीट पर जनरल खंडूड़ी पांच बार सांसद रहे हैं।

 

 

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