Friday, June 5, 2020

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उत्तराखंड : पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला , अब चुनावों में 2 बच्चों वाला नियम नहीं होगा लागू

अंग्वाल न्यूज डेस्क
उत्तराखंड : पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला , अब चुनावों में 2 बच्चों वाला नियम नहीं होगा लागू

नैनीताल । उत्तराखंड में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने राज्य की त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा पंचायत चुनाव (Panchayat Election) में दो बच्चों से अधिक वाले प्रत्याशियों के चुनाव नहीं लड़ पाने संबंधी फैसले पर रोक लगा दी है । नैनीताल हाईकोर्ट (Nainital High Court) ने अपने फैसले में कहा कि पंचायत चुनाव  में दो बच्चों वाला नियम लागू नहीं होगा । कोर्ट के इस फैसले के बाद अब वो लोग भी पंचायत चुनाव में अपना नामांकन कर सकेंगे जो दो से ज्यादा बच्चे होने के चलते इस बार चुनावों में खड़े नहीं हो रहे थे । कोर्ट के इस फैसले को लेकर राज्य में मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। 

विदित हो कि उत्तराखंड सरकार ने गत 26 जून पंचायतीराज (संशोधन) अधिनियम 2019 को विधानसभा से पारित किया था । त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार पंचायत राज संशोधन बिल लेकर आई थी । विधेयक में कहा गया था कि दो बच्चों से अधिक वाले ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत का चुनाव नहीं लड़ सकते हैं । वहीं चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी की शैक्षणिक योग्यता भी निर्धारित किए जाने की बात कही गई थी । लेकिन इस फैसले के खिलाफ कुछ लोग हाईकोर्ट पहुंच गए थे । 


याचिकाकर्ताओं का कहना था कि सरकार  इस संशोधन को बैकडेट से लागू कर रही है, जबकि प्रावधान लागू करने के लिए 300 दिन का ग्रेस पीरियड दिया जाता है, जो नहीं दिया गया । याचिकाकर्ताओं ने पंचायत प्रतिनिधियों के पद के लिए हाईस्कूल पास होने की शैक्षिक योग्यता को भी चुनौती दी थी । 

इस मामले में मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गत 22 अगस्त को सुनवाई पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था । रावत सरकार के इस फैसले को कोटाबाग के मनोहर लाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख जोत सिंह बिष्टï समेत अन्य ने  याचिका दायर कर चुनौती दी थी ।  

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