Tuesday, June 25, 2019

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नए साल में पेंशनधारकों की हो जाएगी बल्ले-बल्ले, सरकार ने लिया बड़ा फैसला

अंग्वाल न्यूज डेस्क
नए साल में पेंशनधारकों की हो जाएगी बल्ले-बल्ले, सरकार ने लिया बड़ा फैसला

देहरादून। उत्तराखंड सरकार नए साल में पेंशनधारकों को भी बड़ी सौगात देने जा रही है। साल 2016 से पहले रिटायर हुए करीब 80 हजार राज्य सरकार के कर्मचारियों की पेंशन और पारिवारिक पेंशन में जल्द ही इजाफा होगा। समान पद समान पेंशन की कवायद के तहत सरकार ने ऐसे सभी पेंशनरों की पेंशन में संशोधन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार के इस फैसले से पेंशनरों को करीब 3000 रुपये प्रतिमाह का फायदा होगा। बता दें कि राज्य में समान पद के बावजूद पेंशन में असमानता को लेकर पेशनरों में काफी असंतोष है।

गौरतलब है कि राज्य के पेंशनधारकों का कहना है कि समान पद समान वेतन का मामला देशव्यापी था ऐसे में पेंशनरों से जुड़े संगठनों की ओर से लगातार इस मसले को उठाया जाता रहा है। मामले में केन्द्र की दखल के बाद राज्य सरकार ने इस विसंगति को दूर करने का फैसला लिया है। बता दें कि 1 जनवरी 2016 को सातवां वेतनमान लागू हो गया था। सरकार के इस फैसले से उन 80 हजार कर्मचारियों को फाया पहुंचेगा जो 31 दिसंबर 2015 तक सेवानिवृत्त हुए हैं।  

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यहां बता दें कि 2016 से पहले तक चैथा, पांचवां और छठा वेतनमान पाकर सेवानिवृत्त हुए राज्य सरकार के कार्मिकों की लंबे समय से मांग थी कि उन्हें पेंशन में उतना वित्तीय लाभ नहीं मिल पाया जितना सातवां वेतनमान लागू होने के बाद उनके समान पद पर तैनात कार्मिकों को सेवानिवृत्ति के बाद मिल रहा है। अब सरकार के नए फैसले से 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को 3000 रुपये का फायदा हो सकता है। 


गौर करने वाली बात है कि पेंशन में संशोधन कराने के लिए पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को एक प्रारूप भरकर उस विभागीय कार्यालय में जमा करना होगा जहां से वे सेवानिवृत्त हुए हैं। इस प्रारूप को कार्यालय अध्यक्ष अपने स्तर से सभी सूचनाओं को अंकित कराकर उन कोषागारों के कोषाधिकारियों या उप कोषाधिकारियों को भेजेंगे, जहां से वे पेंशन ले रहे हैं। एक बार सूचना मुहैया कराने के बाद सारी प्रक्रिया कोषागार करेगा। 

पेंशनर उक्त प्रारूप कोषागारों, उपकोषागारों और कोषागार, पेंशन, लेखा एवं हकदारी की वेबसाइट (मावेीण्नाण्हवअण्पद) से भी ले सकते हैं। इस प्रारूप पर पेंशनरों से जुड़ी सूचनाओं को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों की होगी। वित्त विभाग ने उन्हें 31 मार्च 2019 से पहले सूचनाएं उपलब्ध कराने को कहा है।

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