Thursday, January 23, 2020

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सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को दिया झटका , शिक्षकों के चयन वेतनमान मामले में सरकार की याचिका खारिज 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को दिया झटका , शिक्षकों के चयन वेतनमान मामले में सरकार की याचिका खारिज 

देहरादून । उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार को शिक्षकों के चयन वेतनमान मामले में बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को राहत देते हुए सरकार की याचिका को खारिज कर दिया । कोर्ट के आदेशानुसार , अब सरकार को अशासकीय स्कूल के याचिकाकर्ता शिक्षकों को स्कूल के अनुदान सूची में शामिल होने से पहले से चयन वेतनमान का लाभ देना होगा। सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में यह कहते हुए पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी कि शिक्षकों की विद्यालय के अनुदान सूची में शामिल होने से पहले की सेवाओं को न जोड़ा जाए। 

बता दें कि अल्मोड़ा जनपद के पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवस्थल क्षेत्र द्वाराहाट के सहायक अध्यापक हरीश सिंह बोरा, प्रधानाध्यापक शंकर सिंह बिष्ट, भैरव सिंह, विजय पाल सिंह एवं अन्य ने मौलिक नियुक्ति की तिथि से 10 वर्ष की सेवा पूरी करने पर चयन वेतनमान का लाभ दिए जाने की मांग की थी । इस पर शिक्षा विभाग ने यह कहते हुए मना कर दिया कि विद्यालय को 18 फरवरी 1995 को ब श्रेणी की मान्यता मिली। उस दौरान स्कूल में एक प्रधानाध्यापक, चार सहायक अध्यापक, एक लिपिक और एक परिचारक का पद सृजित था। शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया कि विद्यालय को 24 मई 2015 को अनुदान सूची में शामिल किया गया। शिक्षकों एवं कर्मचारियों की उसी दिन से सेवाओं को जोड़कर उन्हें चयन वेतनमान का लाभ दिया जाएगा, जिस दिन से स्कूल को अनुदान सूची में शामिल किया गया है । 


इस पर हाईकोर्ट ने 27 मार्च 2017 के फैसले में याचिकाकर्ता शिक्षकों को राहत देते हुए उन्हें नियुक्ति की तिथि से चयन वेतनमान का लाभ देने का आदेश दिया था। इस पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में  याचिका दाखिल की लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की याचिका को खारिज कर दिया। 

बहरहाल , सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने बेसिक शिक्षा निदेशक को न्यायालय के आदेश के क्रम में चयन वेतनमान का लाभ देने के निर्देश दिए हैं।  

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