Monday, February 24, 2020

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उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत कैबिनेट के विस्तार की चर्चाएं , तीन सीटों पर गढ़वाल - कुमाऊं के विधायकों पर नजर

अंग्वाल न्यूज डेस्क
उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत कैबिनेट के विस्तार की चर्चाएं , तीन सीटों पर गढ़वाल - कुमाऊं के विधायकों पर नजर

देहरादून । उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत सरकार में कैबिनेट विस्तार को लेकर इन दिनों काफी चर्चा है । वर्ष 2017 में सरकार गठन के बाद से ही जहां राज्य कैबिनेट की दो सीटें खाली रहीं , वहीं गत वर्ष कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के निधन के बाद एक और सीट खाली हो गई है । यह हाल तब है जब खुद सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत करीब 40 विभाग संभाल रहे हैं । अब ऐसे समय में जब रावत सरकार पिछले करीब 3 साल से सत्ता में है और अब सरकार के पास 2 साल का कार्यकाल बचा है, कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं चरम पर हैं । कहा जा रहा है कि इन खाली सीटों के लिए नेताओं के नाम पर मंथन हो रहा है । वहीं राज्य में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा- कैबिनेट विस्तार का यह उपयुक्त समय है, कैबिनेट की खाली सीटों को भर देना चाहिए ।

विदित हो कि मार्च 2017 में अस्तित्व में आई त्रिवेंद्र रावत सरकार के गठन के साथ ही कैबिनेट की दो सीटें खाली रह गईं। पिछले तीन सालों में समय समय पर ऐसी खबरें आती रहीं कि कैबिनेट की खाली सीटों पर जल्द ही नेताओं की नियुक्ति होगी । लेकिन पिछले तीन सालों में वह पल आना नहीं । 

पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा सांसद अजय भट्ट ने भी कई बार इन खाली सीटों को भरने की पैरवी की लेकिन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से हरी झंडी नहीं मिली । लेकिन अब ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि अपने कार्यकाल के अंतिम 2 सालों में वह इन तीन सीटों पर नेताओं की नियुक्ति को हरी झंडी दिखा सकते हैं । 


इनमें से दो सीटों को जहां रावत कैबिनेट मे शुरू से नहीं भरा गया , वहीं गत मार्च में कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के निधन के बाद एक सीट और खाली हो गई । प्रकाश पंत के पास संसदीय कार्य, वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय थे । 

संसदीय कार्यमंत्री का प्रभार तो सत्र चलने के दौरान मदन कौशिक को दे दिया जाता है लेकिन बाकी विभाग मुख्यमंत्री खुद संभाल रहे हैं । त्रिवेंद्र सिंह रावत के पास करीब 40 के आस-पास विभाग हैं । इस सब के चलते कामकाज भी प्रभावित हो रहा है । 

इन खबरों के साथ ही एक बार फिर से राज्य के भाजपा विधायक सक्रिय हो गए हैं । विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल कैबिनेट मंत्री का पद चाहते हैं । वहीं ऐसी खबरें हैं कि उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाकर उनकी जगह विकासनगर से विधायक मुन्ना सिंह चौहान को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है । वहीं कुमाऊं के कई नेता भी अपना नाम कैबिनेट मंत्री के तौर पर देख रहे हैं। इसके लिए बैठकों का दौर शुरू हो गया है । 

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