Saturday, July 11, 2020

Breaking News

   राजस्थान सरकार का प्राइवेट स्कूलों को आदेश- स्कूल खुलने तक फीस न लें     ||   गुजरात सरकार में मंत्री रमन पाटकर कोरोना वायरस से संक्रमित     ||   विकास दुबे पर पुलिस की नाकामी से भड़के योगी, खुद रख रहे ऑपरेशन पर नजर!     ||   विकास दुबे का बॉडीगार्ड था एनकाउंटर में ढेर अमर दुबे, 29 जून को ही हुई थी शादी     ||   सरकार की लिस्ट में अब 'आवश्यक' नहीं रहे मास्क और सैनिटाइजर     ||   उत्तराखंड: कोरोना के 46 नए मामले, कुल पॉजिटिव केस हुए 1199     ||   माले: ऑपरेशन समुद्र सेतु के तहत आईएनएस जलश्व से मालदीव में फंसे 700 भारतीय लाए जा रहे वापस     ||   बिहार: ADG लॉ एंड ऑर्डर ने जताई आशंका, प्रवासियों के आने से बढ़ सकता है अपराध     ||   दिल्ली: बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने संभाला अपना पदभार     ||   भोपाल की बडी झील में पलटी आईपीएस अधिकारियों की नाव, कोई जनहानी नहीं    ||

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की अपर निजी सचिव भर्ती की मुख्य परीक्षा से पहले हंगामा , 1634 में से 1530 अभ्यार्थी रिजेक्ट 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की अपर निजी सचिव भर्ती की मुख्य परीक्षा से पहले हंगामा , 1634 में से 1530 अभ्यार्थी रिजेक्ट 

देहरादून । उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की अपर निजी सचिव भर्ती परीक्षा-2017 इस बार विवादों में आ गई है । असल में प्री परीक्षा पास कर मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले 1634 आवेदनकर्ताओं में से 1530 आवेदनकर्ताओं को रिजेक्ट कर दिया गया है । इनमें से अधिकांश अभ्यार्थियों को उनके कंप्यूटर के मान्य सर्टिफिकेट के चलते रिजेक्ट किया गया है । इस सब के चलते अभ्यार्थियों में भारी रोष है । उनका कहना है कि सरकार इस तरह से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है । अभ्यार्थियों का कहना है कि उनके पास मान्यता प्राप्त संस्थान से एक वर्ष का कंप्यूटर डिप्लोमा है, बावजूद इसके उन्हें इसी में खामी बताकर रिजेक्ट कर दिया गया है । उधर, आयोग ने इस मामले में 4 नवंबर तक प्रत्यावेदन का मौका दिया गया है। 

विदित हो कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने आयोग और सचिवालय में अपर निजी सचिव की भर्ती के लिए 31 जुलाई 2017 को अधिसूचना जारी की थी । इसके तहत 11 नवंबर 2017 को प्री परीक्षा हुई थी, जिसका परिणाम 11 अप्रैल 2018 में जारी किया गया । आयोग ने इसके बाद 27 अप्रैल 2018 को मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन मांगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि 18 महीने के बाद 1634 (आरटीआई में मिली सूचना के मुताबिक) आवेदनों में से छंटनी करके 1530 को रिजेक्ट कर दिया गया।


मिली जानकारी के अनुसार , इस परीक्षा में कंप्यूटर सर्टिफिकेट को लेकर काफी संख्या में छात्रों के आवेदन रिजेक्ट किए गए हैं। दरअसल, अनिवार्य अर्हता में मान्यता प्राप्त संस्थान से एक वर्ष का कंप्यूटर डिप्लोमा मांगा गया था। लेकिन कई ऐसे भी अभ्यार्थी हैं जिनका कहना है कि उनके पास मान्यता प्राप्त संस्थान से डिप्लोमा या डिग्री है लेकिन उनका नाम रिजेक्ट लिस्ट में चला गया है। 

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने सोमवार को 1530 अभ्यर्थियों की रिजेक्ट लिस्ट जारी करते हुए ऐसे सभी अभ्यर्थियों को एक मौका दिया है। सभी अभ्यर्थियों के नाम के सामने उनके प्रमाण पत्रों की कमी दशाई गई है। आयोग के सचिव राजेंद्र कुमार की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, 4 नवंबर तक ऐसे अभ्यर्थी अपना प्रत्यावेदन कर सकते हैं। इसके बाद उस पर आयोग निर्णय लेगा।  

Todays Beets: