Sunday, June 24, 2018

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बच्चों को बोर्ड एग्जाम के तनाव से दूर करने के लिए parents अपनाएं ये 7 उपाय, बेहतर आएंगे परिणाम

निधी जैन
बच्चों को बोर्ड एग्जाम के तनाव से दूर करने के लिए parents अपनाएं ये 7 उपाय, बेहतर आएंगे परिणाम

नई दिल्ली । सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं शुरू ही होने वाली हैं। ऐसे में बच्चों पर जहां एक ओर अपनी पढ़ाई को लेकर तनाव है, वहीं अपने साथियों से बेहतर कर दिखाने का परिवार का दबाव भी। अमूमन देखा जाता है कि बोर्ड की परीक्षा में बेहतर नंबर लाने के दबाव में कई बार होनहार बच्चे भी तनाव में आ सकते हैं। ऐसे में दबाव के चलते जहां बच्चे सही से पढ़ाई नहीं कर पाते, वहीं पेपर में भी अपना 100 फीसदी नहीं दे पाते। बहुत से बच्चे पूरे कोर्स को अपने दिमाग में रखने की कोशिश करते हैं। इन सब हालातों में कई बच्चे अपना आत्मविश्वास खो देते हैं। कुछ बच्चों को ऐसे हालात में भूख लगना बंद हो जाता है, तो कई को नींद आना। घबराहट होने से तनावग्रस्त होने की आशंका बढ़ जाती है।  इसका सीधा असर छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसका खामियाजा उन्हें खराब परीक्षा परिणाम के रूप में भुगतना पड़ता है। ऐसे हालातों से बचने के लिए छात्रों के अभिभावक एक अहम रोल अदा कर सकते हैं। ऐसे समय में बच्चों को सही सलाह और काउंसलिंग की आवश्यकता होती है। परीक्षा के अंतिम दिनों में अभिभावकों के छोटे-छोटे प्रयास उनके परीक्षा परिणाम में काफी सुधार ला सकते हैं। 

तो चलिए अभिभावकों को बताते हैं कि आखिर किन छोटे-छोटे प्रयासों से वे अपने बच्चे के एग्जाम के डर को खत्म कर उसमें आत्मविश्वास जगा सकते हैं। अगर अभिभावक अपने बच्चों के खोए आत्मविश्वास को वापस भरने में कामयाब हो गए तो इस बात में कोई दो राय नहीं कि छात्र अपना 100 फीसदा अपनी परीक्षा में देकर आएगा। तो ये हैं वो 7 बिंदु जिन्हें अभिभावकों को ध्यान देने की जरूरत है। 

1- परीक्षा के करीब आने के दौरान अभिभावकों को चाहिए कि वो अपने बच्चे की तुलना किसी दूसरे बच्चे से न करें। न ही दूसरों की दिनचर्या के बारे में अपने बच्चे से तुलना करें। ऐसा करके कई बार अभिभावक न चाहते हुए भी अपने बच्चों को तनाव में ला देते हैं। ऐसे में अपने बच्चे को तनाव मुक्त रखने की कोशिशें करें। 

2-अभिभावक ध्यान रखें कि आप अपने बच्चे की पढ़ाई और उसके आराम के बीच संतुलन का ध्यान रखें। इस बात का भी ध्यान रखें कि बच्चा पढ़ाई के लिए घंटों न बैठा रहे। बीच-बीच में उसे अपनी कुर्सी से उठने के लिए कहें, ताकि वह अपनी आंखों-दिमाग को आराम दे और ताजी हवा लेकर खुद को फ्रेश महसूस करे।

3- ध्यान रखें की अपने बच्चों के साथ इस समय आपके द्वारा बिताया गया समय उसके आत्मविश्वास को बनाए रखने में काफी अहम साबित होगा। ऐसे में पढ़ाई के बीच में अपने बच्चों के साथ कुछ समय बिताएं और उन्हें विश्वास दिलाएं कि परीक्षा में अच्छे-बुरे नंबर आने पर वह हर हाल में उनके साथ रहेंगे। आपका उनके प्रति यह रुझान उन्हें बिना किसी तनाव के बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा।

4- अपने बच्चों के साथ कुछ देर पढ़ाई से इतर कुछ अन्य विषयों पर भी बात करें। साथ मिलकर कोई मजेदार खेल खेलें, या उसके दिमाग को शांत रखने के लिए अच्छा संगीत सुनें, या गुनगुनाएं। ऐसा करके आप अपने बच्चों के आत्मविश्वास को बनाए रखने में सहायता करेंगे।

5- याद रखें कि बच्चों को सोने से करीब एक घंटे पहले किताबों से दूर कर दें। इससे बच्चों पर पड़ रहा तनाव कम होगा, वह कुछ घंटे की अच्छी नींद ले सकेंगे, जिसका असर उनके नींद से उठने के बाद उसकी पढ़ाई और उसके स्वास्थ्य पर पड़ेगा।


6- ध्यान रखें कि एग्जाम के दौरान बच्चों को ज्यादा जंक फूड, या तला-भुना खाने से बचाएं। कई रिपोर्ट्स में सामने आया है कि जंक फूड बच्चों में तनाव को बढ़ाने में भी सहायक होता है। ऐसे में बच्चों को घर में बना सात्विक भोजन दें। इससे उनके स्वास्थ्य पर अच्छा असर पड़ेगा, जो उनकी मन की एकाग्रता के लिए अच्छा रहेगा।

7-दिन में 4-5 घंटे पढ़ने वाले अपने बच्चों को एकाएक 9-10 घंटे पढ़ने के लिए न कहें, ऐसा करके आप उसके स्वास्थ्य के लिए चुनौती खड़ी कर सकते हैं। क्योंकि किसी भी शरीर को नई दिनचर्या को अपनाने में कुछ समय लगता है और एग्जाम के अंतिम दिनों में ऐसा करके आप उसके स्वास्थ्य के लिए चुनौतियां पैदा कर सकते हैं। ऐसे में याद रखें कि बच्चे को परीक्षा के अंतिम दिनों में अपने निर्धारित घंटों में एकाग्रता से पढ़ने के लिए प्रेरित करें, न की हर समय पढ़ने के लिए कहें।

इन बातों का छात्र रखें ध्यान---

1- परीक्षा के दौरान कुछ दिनों के लिए  फेसबुक, वाट्स अप आदि सोशल नेटवर्किंग से दूर रहें। 

2-  घंटों के हिसाब से नहीं, चैप्टर के हिसाब से पढ़ें क्योंकि जब आप घंटों के हिसाब से पढ़ेंगे तो आपका ध्यान सिर्फ घड़ी पर ही टिका रहेगा। 

3. बेहतर होगा आप अपने पढ़ने की जगह को बार बार न बदलें , पढ़ने के लिए पर्याप्त रोशनी की जगह पर अपनी मेज-कुर्सी लगाएं। 

4- इस दौरान कोई भी कथित याददाश्त बढ़ाने वाली बाजारू दवाओं के चक्कर में न पड़ें। 

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