Saturday, October 20, 2018

Breaking News

   सेना हर चुनौती से न‍िपटने के ल‍िए तैयार, सर्जिकल स्ट्राइक भी व‍िकल्‍प: रणबीर सिंह    ||   BJP विधायक मानवेंद्र ने बदला पाला, राज्यवर्धन बोले- कांग्रेस ने 70 साल में मंत्री नहीं बनाया    ||   सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर छिड़ी जंग, हिरासत में 30 प्रदर्शनकारी    ||   विवेक तिवारी हत्याकांडः HC की लखनऊ बेंच ने CBI जांच की मांग ठुकराई    ||   केरलः अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने सबरीमाला फैसले के खिलाफ HC में लगाई याचिका    ||   कोलकाताः HC ने दुर्गा पूजा आयोजकों को ममता के 28 करोड़ देने के फैसले पर रोक लगाई    ||    रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस मिसाइल पर भारत की डील    ||   नार्वेः राजधानी ओस्लो में आज होगा शांति के नोबेल पुरस्कार का ऐलान    ||   अंकित सक्सेना मर्डर केसः ट्रायल के लिए अभियोगपक्ष के 2 वकीलों की नियुक्ति    ||   जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉफ्रेंस के दो कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या, मरने वालों में एक MLA का पीए भी     ||

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का पूरा खर्च उठाएगी सरकार, बीमा कंपनी पर भी होगी कड़ी कार्रवाई

अंग्वाल न्यूज डेस्क
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का पूरा खर्च उठाएगी सरकार, बीमा कंपनी पर भी होगी कड़ी कार्रवाई

देहरादून। बीमा कंपनी द्वारा उत्तराखंड में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना बंद होने के बाद सरकार ने लोगों को राहत दी है। सरकार ने गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज जारी रखने के साथ उनका पूरा खर्चा उठाने के आदेश दिए हैं। इस योजना के तहत  मरीजों को इलाज न देने वाले अस्पतालों के खिलाफ सरकार कार्रवाई भी करेगी। सीएम ने कहा है कि एमएसबीवाई को बंद करने वाली कंपनी पर भी कार्रवाई की जाएगी।

कड़ी कार्रवाई की मांग

गौरतलब है कि स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराने वाली कंपनी बजाज एलायंस ने विस्तारीकरण नहीं मिलने की वजह से सेवा बंद करने की बात कही थी। सीएम ने कहा कि बीमा कंपनी का करार नवम्बर तक बढ़ाया गया है लेकिन कंपनी ने बीच में ही अचानक इलाज बंद कर दिया है। सुविधा बंद होने से मरीजों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। अब सरकार ने बीमा कंपनी पर भी कड़ी कार्रवाई करने का मन बना चुकी है। 

 ये भी पढ़ें - सातवां वेतनमान बिजली कर्मचारियों के लिए बनी मुसीबत, कम वेतन मिलने की शिकायत


आपसी लड़ाई में पिस रहे मरीज

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने साफ तौर पर कहा है कि योजना बंद होने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। बीमा कंपनी का करार बढ़ाने की फाइल और नई कंपनी के चयन की प्रक्रिया में देरी क्यों हुई इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसा बताया जा रहा है कि एमएसबीवाई के बंद होने के पीछे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की आपसी लड़ाई है। अफसरों का एक गुट मौजूदा कंपनी के करार को बढ़ाने की बात कर रहे हैं वहीं दूसरा गुट नई कंपनी को लाने पर अड़ा हुआ है। दोनों गुटों की लड़ाई की वजह से समय पर प्रस्ताव नहीं भेजा गया और न ही बजाज एलायंस को विस्तारीकरण ही मिल पाया।

Todays Beets: