Sunday, July 22, 2018

Breaking News

   जापान में फ़्लैश फ्लड से 200 लोगों की मौत     ||   देहरादून में जलभराव पर सरकार ने लिया संज्ञान अधिकारियों को दिए निर्देश     ||   भारत ने टॉस जीता फील्डिंग करने का फैसला     ||   उपेन्द्र राय मनी लाउंड्रिंग मामले में सीबीआई ने 2 अधिकारियों को गिरफ्तार किया     ||   नीतीश का गठबंधन को जवाब कहा गठबंधन सिर्फ बिहार में है बाहर नहीं     ||   जापान में बारिश का कहर जारी 100 से ज्यादा लोगों की मौत     ||   PM मोदी के नोएडा दौरे से पहले लगा भारी जाम, पढ़ें पूरी ट्रैफिक एडवाइजरी     ||    नीतीश ने दिए संकेत: केवल बिहार में है भाजपा और जदयू का गठबंधन, राष्ट्रीय स्तर पर हम साथ नहीं    ||   निर्भया मामले में तीनों दोषियों को होगी फांसी, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका ठुकराई    ||   उत्तर भारत में धूल: चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे अंधेरा छाया, 26 उड़ानें रद्द; दिल्ली में भी धूल कायम     ||

कर्ज लेकर कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा करेगी सरकार, आरबीआई को दिया 300 करोड़ का आवेदन

अंग्वाल न्यूज डेस्क
कर्ज लेकर कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा करेगी सरकार, आरबीआई को दिया 300 करोड़ का आवेदन

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का ऐलान तो कर दिया है लेकिन वित्तीय कमी के चलते उसे बाजार से ऋण लेना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक को करीब 300 करोड़ रुपये के लिए आवेदन दिया है। बता दें कि पिछले महीने भी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। खबरों के अनुसार, आय के सीमित संसाधनों के चलते सरकार के पास विकास कार्यों, वेतन-भत्तों और पेंशन के खर्च में संतुलन बनाने के लिए कर्ज उठाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों सरकार ने ढाई लाख कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2 फीसदी का इजाफा किया है। महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने से सरकारी खजाने पर लगभग 60 करोड़ रुपये का सालाना बोझ पड़ा है। ऐसे में आर्थिक परेशानी से जूझ रही सरकार को अपनी घोषणाओं को पूरा करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से लोन लेना पड़ रहा है। 

ये भी पढ़ें - उत्तरकाशी से देहरादून जा रही कार दुर्घटनाग्रस्त, 5 लोग घायल, 1 की हालत गंभीर


यहां बता दें कि अब सरकार सातवें वेतनमान के भत्तों देने पर भी विचार कर रही है। भत्तों के लिए उसे 350 से 400 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जुटानी होगी। खबरों की मानें तो आय के सीमित संसाधनों के चलते सरकार के पास विकास कार्यों, वेतन-भत्तों और पेंशन के खर्च में संतुलन बनाने के लिए कर्ज उठाने के अलावा कोई चारा नहीं है।

गौर करने वाली बात है कि आरबीआई ने प्रदेश सरकार के लिए कर्ज की सीमा तय कर रखी है। आमतौर पर सरकार इस सीमा के भीतर ही कर्ज लेती है। यह कर्ज पूंजीगत खर्च के नाम पर तो लिया जाता है, लेकिन अकसर सरकारें इससे अपने वेतन, भत्ते और पेंशन के खर्च का निपटारा करती हैं। यहां बता दें कि इसी मजबूरी के चलते वह पिछले दो महीनों में 800 करोड़ रुपये का कर्ज उठा चुकी है। 

Todays Beets: