Tuesday, November 20, 2018

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भारी बारिश ने पैदा की देवभूमि में जलप्रलय की स्थिति, सरकार कर रही विकास कार्यों की समीक्षा

अंग्वाल न्यूज डेस्क
भारी बारिश ने पैदा की देवभूमि में जलप्रलय की स्थिति, सरकार कर रही विकास कार्यों की समीक्षा

देहरादून। मानसून की दस्तक ने देवभूमि में भी जलप्रलय की स्थिति पैदा कर दी है। क्या पहाड़ और क्या मैदानी इलाके हर ओर पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। मानसून की शुरुआत में ही देहरादून से लेकर बागेश्वर और पिथौरागढ़ बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बता दें कि प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त व्यस्त कर दिया है। नदियां उफान पर हैं और पहाड़ों से हो रहे भूस्खलन ने आम लोगों के साथ ही तीर्थ यात्रियों की भी मुसीबतों में बेतहाशा इजाफा कर दिया है। गौर करने वाली बात है कि एक तरफ बारिश ने जहां पूरे प्रदेश में तबाही मचाई हुई है वहीं सरकार इन हालात से निपटने की तैयारी में भी जुटी है। शुक्रवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से चमोली व रुद्रप्रयाग जनपद के विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा की। इसमें मुख्यतः मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

गौरतलब है कि बागेश्वर से लेकर चमोली तक हर जगह भूस्खलन की खबरें हैं। राजधानी देहरादून में बारिश ने इस कदर तबाही मचाई है कि यहां एक घर की दीवार गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं मुनस्यारी में भी भारी बारिश से कई रास्ते बंद हो गए हैं। ऐसे में आम लोगों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह से टूट गया है। यहां बता दें कि भारी बारिश के चलते राज्य की सभी नदियां उफान पर हैं। उत्तरकाशी में सरयू, ऊधमसिंह नगर में कैलाश और देहरादून में रिस्पना नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि पूरे शहर में पानी घुस गया है। 

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यहां बता दें कि ऊधमसिंह नगर के कैलाश नदी में आए उफान में एक किसान के बहने के साथ ही बागेश्वर और चंपावत में कई लोगों के सैलाब में फंसने की खबरें आई हैं। हालांकि कई जगहों पर प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम ने यहां फंसे लोगों को बचा लिया। बारिश से खराब हो रहे हालात के बीच राज्य सरकार ने विकास कार्यों की समीक्षा की गई। विकास कार्य की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बद्रीनाथ, कर्णप्रयाग एवं केदारनाथ विधानसभा की समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि बद्रीनाथ विधानसभा की 24 घोषणाओं की समीक्षा की गई जिसमें से 02 पूर्ण हो चुकी हैं, 19 पर कार्य गतिमान है, शेष पर शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। कर्णप्रयाग विधानसभा में की गई घोषणाओं में से 20 पर कार्य गतिमान है, शेष शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र में 07 घोषणाओं पर कार्य गतिमान है।


इससे पूर्व बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अधिकारियों को विभिन्न विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए। केदारनाथ विधानसभा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गौरीकुंड में तप्त कुण्ड को उसके पुराने स्वरूप में बनाया जाएगा। सिंचाई विभाग इसका निर्माण करेगी। गर्म जलधारा का स्वरूप प्राचीन ही रहे, इसके लिए कन्सलटेंट एजेंसी की राय ली जाए। 2013 की आपदा के दौरान यह तप्त कुण्ड बह गया था। ऊखीमठ एवं गुप्तकाशी में पेयजल की समस्याओं के समाधान के लिए सर्वे हो चुका है, डीपीआर बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने इन पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए। लदोली में आंगनवाड़ी भवन के निर्माण की कार्यवाही शीघ्र शुरू की जाएगी।

बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत बद्रीनाथ एवं गोविन्द घाट में आधुनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। जिसके लिए एक सप्ताह में भूमि चयन के निर्देश दिये गये। बद्रीनाथ एवं गोविन्द घाट में साइनेज लगाए जाएंगे। जोशीमठ में हेलीपैड के निर्माण के लिए भूमि का चयन किया जा चुका है। डीजीसीए से क्लीयरेंस मिलने के उपरान्त शीघ्र कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। बद्रीनाथ में राजीव गांधी माध्यमिक नवोदय विद्यालय में छात्रावास के लिए शीघ्र ही भूमि का चयन कर लिया जाएगा। बद्रीनाथ में पेट्रोल पम्प एवं गैस एजेंसी बनाने के लिए शीघ्र एस्टीमेट भेजने को कहा गया है। गोपेश्वर में प्रेक्षागृह के लिए शीघ्र डीपीआर बनाई जा रही है। बद्रीनाथ के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। 

कर्णप्रयाग विधानसभा के अन्तर्गत  सुनियोजित विकास के लिए गैरसैंण के मास्टर प्लान का कार्य गतिमान है। गैरसैंण में पेयजल की समस्या के हल के लिए झील का निर्माण किया जाना है। मुख्यमंत्री ने इसकी डीपीआर अक्टूबर माह के अंत तक तैयार करने के निर्देश दिए। भराड़ीसैंण में हेलीपैड का विस्तार किया जायेगा। इसके विस्तार से पूर्व इसका तकनीकि परीक्षण करवाने के निर्देश भी दिये गये। गैरसैंण में प्रेक्षागृह के लिए डीपीआर बनाई जा रही है। राजकीय इण्टर कॉलेज कर्णप्रयाग का नाम विक्टोरिया क्रॉस दरवान सिंह के नाम पर रखा गया है। हरगढ़ को एक्सीलेंस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न प्रकार के औषधीय प्रजाति के पुष्प लगाए जाएंगे। कनोठ-खेत-कोली पेयजल लाईन भी स्वीकृत की गई है।

इनके अतिरिक्त उक्त विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न सड़क, पेयजल, पार्किंग, विद्यालयों में कक्षा-कक्ष निर्माण सहित अन्य विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की गई। 

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