Wednesday, October 17, 2018

Breaking News

   विवेक तिवारी हत्याकांडः HC की लखनऊ बेंच ने CBI जांच की मांग ठुकराई    ||   केरलः अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने सबरीमाला फैसले के खिलाफ HC में लगाई याचिका    ||   कोलकाताः HC ने दुर्गा पूजा आयोजकों को ममता के 28 करोड़ देने के फैसले पर रोक लगाई    ||    रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस मिसाइल पर भारत की डील    ||   नार्वेः राजधानी ओस्लो में आज होगा शांति के नोबेल पुरस्कार का ऐलान    ||   अंकित सक्सेना मर्डर केसः ट्रायल के लिए अभियोगपक्ष के 2 वकीलों की नियुक्ति    ||   जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉफ्रेंस के दो कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या, मरने वालों में एक MLA का पीए भी     ||   सुप्रीम कोर्ट ने कठुआ मामले में सीबीआई जांच की अर्जी को खारिज किया    ||   मध्यप्रदेश सरकार ने पांच नए सूचना आयुक्त चुने, राज्यपाल को भेजी सिफारिश     ||   बिहार: ASI संग शराब बेच रहा था थानेदार, अरेस्ट     ||

ईवीएम में छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाले पर हाईकोर्ट सख्त, लगाया 1 लाख रुपये का जुर्माना

अंग्वाल न्यूज डेस्क
ईवीएम में छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाले पर हाईकोर्ट सख्त, लगाया 1 लाख रुपये का जुर्माना

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान हरिद्वार ग्रामीण सीट पर ईवीएम में छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाले पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जस्टिस लोकपाल सिंह की एकल पीठ ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए मामले को निस्तारित कर दिया। यहां बता दें कि हरिद्वार ग्रामीण सीट पर ईवीएम में छेड़छाड़ का आरोप वहीं के चरण सिंह नाम के शख्स ने लगाया था। उस पर पहले 50 हजार का जुर्माना लगाया गया था लेकिन रकम जमा नहीं कराने के चलते अब इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। 

गौरतलब है कि उत्तराखंड विधानसभा के चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत हरिद्वार ग्रामीण और किच्छा दो सीटों से चुनाव लड़े थे और दोनों ही जगहों से हार गए थे। इस सीट से भाजपा के यतीश्वरानंद ने बाजी मारी थी। इसके बाद वहीं के एक शख्स चरण सिंह ने ईवीएम में छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए अदालत में याचिका दायर की थी। जस्टिस लोकपाल सिंह ने याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही याचिका को निस्तारित कर दिया। 

ये भी पढ़ें -उत्तराखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका, गंगा में खनन पर रोक बरकरार


यहां बता दें कि अदालत ने पिछली सुनवाई में याची चरण सिंह पर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था लेकिन यह रकम जमा नहीं कराई गई। संज्ञान में यह बात लाए जाने पर अदालत ने जुर्माने की रकम बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी। याची को जुर्माने की रकम जमा कराने के लिए एक माह की मोहलत दी गयी है। एकलपीठ ने कहा कि चरण सिंह चुनाव में प्रत्याशी नहीं थे। ऐसे में उनकी इस याचिका का कोई औचित्य नहीं है।

 

Todays Beets: