Sunday, November 18, 2018

Breaking News

   एसबीआई ने क्लासिक कार्ड से पैसे निकालने के बदले नियम    ||   बाजार में मंगलवार को आई बहार, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त     ||   हिंदूराव अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में निकला सांप , हंगामा     ||   सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के आरोपों के बाद हो सकता है उनका लाइ डिटेक्टर टेस्ट    ||   देहरादून की मॉडल ने किया मुंबई में हंगामा , वाचमैन के साथ की हाथापाई , पुलिस आई तो उतार दिए कपड़े     ||   दंतेवाड़ा में नक्सली हमला, दो जवान शहीद , दुरदर्शन के कैमरामैन की भी मौत     ||   सेना हर चुनौती से न‍िपटने के ल‍िए तैयार, सर्जिकल स्ट्राइक भी व‍िकल्‍प: रणबीर सिंह    ||   BJP विधायक मानवेंद्र ने बदला पाला, राज्यवर्धन बोले- कांग्रेस ने 70 साल में मंत्री नहीं बनाया    ||   सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर छिड़ी जंग, हिरासत में 30 प्रदर्शनकारी    ||   विवेक तिवारी हत्याकांडः HC की लखनऊ बेंच ने CBI जांच की मांग ठुकराई    ||

ट्रिप रिले की खरीद में यूपीसीएल में गड़बड़झाले की आशंका, निदेशक ने बैठाई जांच

अंग्वाल न्यूज डेस्क
ट्रिप रिले की खरीद में यूपीसीएल में गड़बड़झाले की आशंका, निदेशक ने बैठाई जांच

देहरादून। उत्तराखंड में अब यूपीसीएल में भी गड़बड़झाले की बात सामने आई है। घोटाले की आशंका से पहले ही यूपीसीएल के निदेशक बीसीके मिश्रा ने इसके लिए जांच बैठा दी है। निदेशक परियोजना एमके जैन और निदेशक परिचालन अतुल अग्रवाल की टीम इसकी जांच कर निदेशक को रिपोर्ट देंगे। बता दें कि यूपीसीएल पर इस बात का आरोप है कि ट्रिप रिले की खरीद में बड़ा घोटाला किया गया है। इससे पहले भी कई विभागों में घोटाले की बात सामने आई है। 

ट्रिप रिले की खरीद में गड़बड़ी

गौरतलब है कि आरटीआई में मांगी गई जानकारी के आधार पर बिजली घरों के पैनल्स में लगने वाली ट्रिप रिले बाजार भाव से अधिक दरों पर खरीदने की बात सामने आई है। यह रिले फरवरी 2015 से मार्च 2017 तक खरीदी गई। बाजार में रिले की कीमत करीब 23 हजार रुपये है जबकि निगम ने 180 रिले की खरीद करीब 36 हजार रुपये की दर से की। 

ये भी पढ़ें - मुख्यमंत्री ने जौलजीबी मेले का किया शुभारंभ, भारत-नेपाल की साझी विरासत को आगे बढ़ाने की कवायद

अधिकारियों की मिलीभगत


आपको बता दें कि मास्टर ट्रिप रिले जो बाजार में सिर्फ 3800 रुपये में उपलब्ध है  उसे यूपीसीएल ने 16500 रुपये में खरीदे हैं। इसके अलावा जिस कंपनी को रिले लगाने का काम दिया गया, उसने टेस्टिंग और स्थापित करने के लिए दस हजार रुपये लिए जबकि बाजार में इसकी दर महज चार हजार रुपये है। यहां जानकारी में यह बात भी सामने आई की पुरानी रिले को उतारने और नई रिले को लगाने का काम अलग-अलग कंपनियों को दिया गया। इससे साफ है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत साफ नजर मिलता है।

रिले का काम 

बता दें कि लाइनों में फॉल्ट आने पर बिजली आपूर्ति अपने आप बंद करने के लिए रिले लगाई जाती है। यूपीसीएल के मुख्य अभियंता एवं प्रवक्ता एके सिंह ने बताया कि रिले से किसी भी प्रकार की दुर्घटना का खतरा कम होता है। 

Todays Beets: