Monday, July 23, 2018

Breaking News

   जापान में फ़्लैश फ्लड से 200 लोगों की मौत     ||   देहरादून में जलभराव पर सरकार ने लिया संज्ञान अधिकारियों को दिए निर्देश     ||   भारत ने टॉस जीता फील्डिंग करने का फैसला     ||   उपेन्द्र राय मनी लाउंड्रिंग मामले में सीबीआई ने 2 अधिकारियों को गिरफ्तार किया     ||   नीतीश का गठबंधन को जवाब कहा गठबंधन सिर्फ बिहार में है बाहर नहीं     ||   जापान में बारिश का कहर जारी 100 से ज्यादा लोगों की मौत     ||   PM मोदी के नोएडा दौरे से पहले लगा भारी जाम, पढ़ें पूरी ट्रैफिक एडवाइजरी     ||    नीतीश ने दिए संकेत: केवल बिहार में है भाजपा और जदयू का गठबंधन, राष्ट्रीय स्तर पर हम साथ नहीं    ||   निर्भया मामले में तीनों दोषियों को होगी फांसी, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका ठुकराई    ||   उत्तर भारत में धूल: चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे अंधेरा छाया, 26 उड़ानें रद्द; दिल्ली में भी धूल कायम     ||

उपनल नौकरी विवाद के बाद अटकी 117 भर्तियां, परियोजनाओं का समय पर पूरा होना मुश्किल

अंग्वाल न्यूज डेस्क
उपनल नौकरी विवाद के बाद अटकी 117 भर्तियां, परियोजनाओं का समय पर पूरा होना मुश्किल

देहरादून। उपनल के जरिए नौकरी पाने वाले उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष के पुत्र पीयूष अग्रवाल के इस्तीफा देने के बाद अब उपनल के जरिए होने वाली भर्तियां भी लटक गई हैं। यहां बता दें कि जल निगम में ही उपनल के जरिए करीब 117 भर्तियां होने वाली थी लेकिन अब भर्तियों पर हुए विवाद के बाद मामला थोड़ा ठंडा पड़ गया है। इससे इंजीनियरों की कमी से जूझ रहे निगम का काम प्रभावित हो रहा है। शासन की तरफ से वित्तीय कमी का हवाला दिए जाने के बाद आउटसोर्स के जरिए भर्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। 

ये भी पढ़ें - प्रदेश में तकनीकी शिक्षा हुई महंगी, छात्रों को करनी होगी जेब ज्यादा ढीली


गौरतलब है कि शासन की तरफ से मिले आदेश के बाद अब निगम के एमडी ने उपनल को पदों का ब्योरा व भर्ती का प्रस्ताव भेजा है। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव को भेजे हुए 3 महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। जल निगम के एमडी ने बताया कि इंजीनियरों की कमी की वजह से लगातार काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में चल रहीं परियोजनाओं को तय समय पर पूरा करने के लिए इंजीनियरों की भर्ती की मांग की गई थी लेकिन उपनल को भर्ती का प्रस्ताव भेजे 3 महीने से ज्यादा हो चुके हैं अब तक कई रिमाइंडर भेजने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला है। ऐसे में अब परियोजनाओं के पूरा होने में देरी होना लाजमी है। 

Todays Beets: