Thursday, August 16, 2018

Breaking News

   मंगल ग्रह पर आशियाना बनाएगा इंसान, वैज्ञानिकों को मिली पानी की सबसे बड़ी झील     ||   भाजपा नेता का अटपटा ज्ञान, 'मृत्युशैया पर हुमायूं ने बाबर से कहा था, गायों का सम्मान करो'     ||   आज से एक हुए IDEA-वोडाफोन! अब बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी     ||   गोवा में बड़ी संख्‍या में लोग बीफ खाते हैं, आप उन्‍हें नहीं रोक सकते: बीजेपी विधायक     ||   चीन फिर चल रहा 'चाल', डोकलाम में चुपचाप फिर शुरू कीं गतिविधियां : अमेरिकी अधिकारी     ||   नीरव मोदी, चोकसी के खिलाफ बड़ा एक्शन, 25-26 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश     ||   जापान में फ़्लैश फ्लड से 200 लोगों की मौत     ||   देहरादून में जलभराव पर सरकार ने लिया संज्ञान अधिकारियों को दिए निर्देश     ||   भारत ने टॉस जीता फील्डिंग करने का फैसला     ||   उपेन्द्र राय मनी लाउंड्रिंग मामले में सीबीआई ने 2 अधिकारियों को गिरफ्तार किया     ||

पद की अनदेखी करना केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलसचिव को पड़ा महंगा, पद से हटाए गए

अंग्वाल न्यूज डेस्क
पद की अनदेखी करना केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलसचिव को पड़ा महंगा, पद से हटाए गए

श्रीनगर। छात्रों के भविष्य को देखते हुए हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर के कुलसचिव डॉ. एके झा को निलंबित कर दिया गया है। सोमवार देर शाम कुलपति जवाहर लाल कौल ने इस आशय का आदेश जारी किया। उन्होंने बताया कि एके झा का न तो अवकाश स्वीकृत किया गया है और न ही वह ड्यूटी ज्वाइन कर रहे हैं। उनके विश्वविद्यालय नहीं आने की वजह से कार्य बहुत प्रभावित हो रहा है उन्होंने इस मामले को लेकर एक जांच कमेटी भी गठित की है। बता दें कि इससे पहले भी एके झा को दो बार हटाया जा चुका है।

मेडिकल अवकाश बढ़ाने की सूचना

गौरतलब है कि इससे पहले दून विश्वविद्यालय के इंचार्ज रजिस्ट्रार को भी हटाया गया था। बता दें कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर कौल ने बताया कि कुलसचिव झा मेडिकल अवकाश पर थे और उन्हें 23 नवम्बर को डयूटी ज्वाइन करनी थी लेकिन वे नहीं आए। यूनिवर्सिटी आने के बजाय उन्होंने 22 नवम्बर की रात ई-मेल कर अवकाश बढ़ाने की सूचना दी। कुलपति ने बताया कि चूंकि विश्वविद्यालय के एकेडमिक आडिट के लिए टीम को आना था इस वजह से उनका अवकाश बढ़ाना संभव नहीं था। ऐसे में उन्हें तुरंत ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। कुलपति प्रोफेसर कौल ने उनपर यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी वह लंबे समय तक अवकाश के नाम पर कार्यालय नहीं आए थे।

ये भी पढ़ें - उत्तराखंड में अब नहीं होगी एएनएम की पढ़ाई, रोजगार के कम होते अवसर की वजह से लिया फैसला


समय देने के बाद भी नहीं आए

आपको बता दें कि प्रो. कौल के अनुसार कुलसचिव ने 4 दिसम्बर को डयूटी ज्वाइन करने की सूचना दी थी लेकिन शाम 5 बजे तक भी जब वह नहीं आए तो विश्वविद्यालय हित में कार्रवाई करनी पड़ी।

 

Todays Beets: