Wednesday, December 13, 2017

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विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों को मिला विपक्ष का साथ, नेता ने सदन में मुद्दा उठाने का दिया आश्वासन

अंग्वाल न्यूज डेस्क
विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों को मिला विपक्ष का साथ, नेता ने सदन में मुद्दा उठाने का दिया आश्वासन

देहरादून। विभागीय लापरवाही की वजह से अप्रशिक्षितों की श्रेणी में आने के बाद विशिष्ट बीटीसी कर चुके शिक्षक आंदोलन कर रहे हैं। जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों के बाद अब उन्हें विपक्षी पार्टी कांग्रेस का भी समर्थन मिल गया है। नेता प्रतिपक्ष हंदिरा हृदयेश शिक्षा निदेशालय पर आंदोलनरत शिक्षकों के बीच पहुंची और उन्हें समर्थन देने की बात कही है। बता दें कि उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षक संघ गत 22 नवंबर से निदेशालय पर जिलेवार धरना-प्रदर्शन कर रहा है। 

सदन में उठेगा मुद्दा

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने खुद शिक्षकों को विशिष्ट बीटीसी का कोर्स करवाया था और उन्हें प्रशिक्षित वेतनमान पर नियुक्ति दी गई। अब एनटीसीई ने इसकी मान्यता को खत्म कर दिया है। इसके बाद शिक्षकों ने सरकार के प्रति विरोध जताना शुरू कर दिया है। अब ऐसा लगता है कि यह मामला राजनीतिक होने वाला है। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने इन्हें समर्थन दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस यह मुद्दा विधानसभा और उत्तर प्रदेश के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी के माध्यम से संसद में उठाएगी। 

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शिक्षक हुए अयोग्य

आपको बता दें कि इस दौरान शिक्षकों ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि 3 सितंबर 2001 के बाद नियुक्त और सरकारी संस्थान से विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त बीएड, सीपीएड, डीपीएड, बीपीएड, मृतक आश्रित और उर्दू शिक्षकों को डीएलएड-ब्रिज कोर्स से बाहर रखा जाए। यह शिक्षक 3 से 17 साल की सेवाएं दे चुके हैं और अब राष्ट्रीय अध्यापक परिषद की ओर से राज्य के जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों को मान्यता न होने के कारण विशिष्ट बीटीसी के प्रशिक्षण को अयोग्य घोषित कर दिया गया है।  

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