Sunday, January 21, 2018

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मुस्लिम छात्रों के भविष्य को लेकर मदरसा बोर्ड का बड़ा फैसला, अब सरकारी स्कूलों की तर्ज पर होगी पढ़ाई

अंग्वाल न्यूज डेस्क
मुस्लिम छात्रों के भविष्य को लेकर मदरसा बोर्ड का बड़ा फैसला, अब सरकारी स्कूलों की तर्ज पर होगी पढ़ाई

देहरादून। राज्य में चलने वाले मदरसों में भी अब सरकारी और निजी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा दी जाएगी। राज्य के मदरसा बोर्ड ने मुस्लिम छात्रों के भविष्य को देखते हुए मदरसा बोर्ड ने यह अहम फैसला लिया है। बता दें कि अब प्रदेश के सभी मदरसों की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्तराखंड बोर्ड पैटर्न लागू किया जा रहा है। 

पैटर्न होगी सरल 

गौरतलब है कि मदरसों में पाठ्यक्रम की जटिलता को खत्म करने के मकसद से मदरसा बोर्ड ने यह अहम फैसला लिया है। बता दें कि मदरसा बोर्ड की बैठक में इस बात का निर्णय लिया गया है कि अब मदरसों में  भी सरकारी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा दी जाए ताकि मुस्लिम छात्रों के भविष्य और उनकी नौकरी का रास्ता साफ हो सके। लंबे विचार-विमर्श के बाद सदस्यों ने उत्तराखंड के मदरसों की परीक्षाओं में भी उत्तराखंड बोर्ड के समान परीक्षा पैटर्न लागू करने का फैसला लिया है। बोर्ड के डिप्टी रजिस्ट्रार अहमद अखलाक अंसारी ने बताया कि मदरसों में बोर्ड की परीक्षा का पैटर्न बहुत जटिल था इसके कारण बच्चों को कई तरह की परेशानियां भी होती थीं इसलिए बोर्ड ने पैटर्न को सरल बनाने का लिया। उन्होंने मदरसों के पुराने पैटर्न का जिक्र करते हुए बताया कि 10वीं कक्षा में 10, जबकि 12वीं में नौ पेपर होते थे लेकिन अब उत्तराखंड बोर्ड की भांति 10वीं में छह और 12वीं में पांच ही परीक्षा होंगीं।

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परीक्षा की तारीख 

इसके अलावा अभी तक मदरसों में 10वीं की परीक्षा में एक हजार अंकों से मूल्यांकन होता था। लेकिन, अब 10वीं में पांच सौ और 12वीं बोर्ड की परीक्षा में छह सौ अंकों से मूल्यांकन होगा। बताया कि इस दिशा में अन्य संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। जल्द ही कुछ भी लिए जा सकते हैं। बैठक में मदरसों मे बोर्ड की परीक्षा की तिथि भी निर्धारित की गई। डिप्टी रजिस्ट्रार अखलाक ने बताया कि 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा की तिथि 2 से 9 अप्रैल निर्धारित की गई है।

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