Friday, December 15, 2017

Breaking News

   पशु तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, जवाबी गोलीबारी में एक मरा, घायल गायें बरामद    ||   RTI में खुलासा- भगत सिंह-राजगुरु-सुखदेव को अब तक नहीं मिला शहीद का दर्जा, सरकारी किताब में बताया गया 'आतंकी'     ||    गुजरात चुनाव: रैली में बोले BJP नेता- दाढ़ी-टोपी वालों को कम करना पड़ेगा, डराने आया हूं ताकि वो आंख न उठा सकें    ||   मध्य प्रदेश: बाबरी विध्वंस पर जुलूस निकाल रहे विहिप-बजरंग दल कार्यकर्ता पर पथराव, भड़क गई हिंसा    ||   बैंक अकाउंट को आधार से जोड़ने की तारीख बढ़ी, जानिए क्या है नई तारीख    ||   पशु तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, जवाबी गोलीबारी में एक मरा, घायल गायें बरामद     ||   अश्विन ने लगाया विकेटों का सबसे तेज 'तिहरा शतक', लिली को छोड़ा पीछे     ||   पूरा हुआ सपना चौधरी का 'सपना', बेघर होने के साथ बॉलीवुड से मिला बड़ा ऑफर    ||   PAK सरकार ने शर्तें मानीं, प्रदर्शन खत्म करने कानून मंत्री को देना पड़ा इस्तीफा    ||   मैदान पर विराट के आक्रामक रवैये पर राहुल द्रविड़ को सताई चिंता     ||

शिक्षा मंत्री के बेटे की शादी कार्ड बांटने के मामले में फंसे अधिकारी हुए बहाल, दोषियों पर होगी कार्रवाई

अंग्वाल न्यूज डेस्क
शिक्षा मंत्री के बेटे की शादी कार्ड बांटने के मामले में फंसे अधिकारी हुए बहाल, दोषियों पर होगी कार्रवाई

देहरादून। शिक्षा विभाग में मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों का निलंबन और बहाली चर्चा का विषय बना हुआ है। बता दें कि शिक्षा मंत्री के बेटे की शादी का कार्ड बांटने के आदेश में बिना जांच के ही दो लोगों को निलंबित कर दिया गया था अब इनका दोष साबित नहीं होने पर इन्हें बहाल कर दिया गया है जबकि आदेश देने वाले अफसर के खिलाफ कार्रवाई पर चुप्पी साध ली गई है। हालांकि मंत्री ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

शिक्षाअधिकारी कटघरे में

गौरतलब है कि विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के बेटे की शादी के कार्ड बांटने के आदेश करने के आरोप में सस्पेंड किये गए प्रशासनिक अफसरों को दोष साबित नहीं होने के बाद बहाल कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने खुद को बचाने के लिए इन दोनों को आगे कर दिया था। जांच में पाया गया कि प्रधानाचार्यों को कार्ड लेने आने के आदेश पर इनके हस्ताक्षर नही हैं। इस मामले में अब बागेश्वर के सीईओ और कपकोट के बीईओ कठघरे में हैं। 

ये भी पढ़ें - गरीब छात्रों का सपना हो सकता है चकनाचूर, आरटीई के तहत मुफ्त शिक्षा हो सकती है बंद


जांच में रिपोर्ट गलत पाई गई

आपको बता दें कि बागेश्वर में मंत्री पुत्र की शादी के कार्ड बांटने का सरकारी आदेश जारी किया गया था और इसे सीईओ के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी फकीर राम आर्य और कपकोट के बीईओ के मुख्य प्रशासनिक अफसर दरबान सिंह टाकुली की ओर से जारी किया गया था। मामला संज्ञान में आने पर शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने 27 नवंबर को दोनों को निलंबित कर जांच बिठा दी थी। जांच में दोनों पर लगाए गए आरोप गलत पाए गए।  बता दें कि अपर निदेशक की जांच में सामने आया कि शादी के कार्ड बांटने के आदेश पर सीईओ और बीईओ ने खुद ही हस्ताक्षर किए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद शिक्षा निदेशक ने बुधवार को दोनों की बहाली के आदेश जारी कर दिए हैं।

 

Todays Beets: