Sunday, October 21, 2018

Breaking News

   सेना हर चुनौती से न‍िपटने के ल‍िए तैयार, सर्जिकल स्ट्राइक भी व‍िकल्‍प: रणबीर सिंह    ||   BJP विधायक मानवेंद्र ने बदला पाला, राज्यवर्धन बोले- कांग्रेस ने 70 साल में मंत्री नहीं बनाया    ||   सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर छिड़ी जंग, हिरासत में 30 प्रदर्शनकारी    ||   विवेक तिवारी हत्याकांडः HC की लखनऊ बेंच ने CBI जांच की मांग ठुकराई    ||   केरलः अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने सबरीमाला फैसले के खिलाफ HC में लगाई याचिका    ||   कोलकाताः HC ने दुर्गा पूजा आयोजकों को ममता के 28 करोड़ देने के फैसले पर रोक लगाई    ||    रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस मिसाइल पर भारत की डील    ||   नार्वेः राजधानी ओस्लो में आज होगा शांति के नोबेल पुरस्कार का ऐलान    ||   अंकित सक्सेना मर्डर केसः ट्रायल के लिए अभियोगपक्ष के 2 वकीलों की नियुक्ति    ||   जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉफ्रेंस के दो कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या, मरने वालों में एक MLA का पीए भी     ||

उत्तराखंड में गाय को मिला राष्ट्रमाता का दर्जा, विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव हुआ पास

अंग्वाल न्यूज डेस्क
उत्तराखंड में गाय को मिला राष्ट्रमाता का दर्जा, विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव हुआ पास

देहरादून। देशभर में गाय को लेकर हो रही राजनीति के बीच उत्तराखंड ने एक बड़ा फैसला लिया है। उत्तराखंड विधानसभा में गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने का प्रस्ताव पास हो गया है। बता दें कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बन गया है। गौर करने वाली बात है कि विधानसभा सत्र के दूसरे दिन राज्य मंत्री रेखा आर्य ने गाय को राष्ट्रमाता बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। अब इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। बता दें कि गाय को राष्ट्रमाता बनाने के प्रस्ताव का भाजपा के नेताओं के अलावा प्रीतम सिंह पंवार ने भी समर्थन किया।

गौरतलब है कि उत्तराखंड, गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने वाला पहला राज्य बन गया है। बता दें कि प्रदेश में काफी समय से इस बात की चर्चा चल रही थी कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाएगा। विधानसभा सत्र के दूसरे दिन पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि करोड़ों लोगों की आय गाय से जुड़ी हुई है और पौराणिक काल में तो इसे मां का दर्जा दिया गया है। उन्होंने इस प्रस्ताव को सदन के पटल पर रखा जिसका किसी ने विरोध नहीं किया और यह सर्वसम्मति से पास हो गया।

ये भी पढ़ें - रुद्रप्रयाग में पहाड़ों के दरकने का सिलसिला जारी, केदारनाथ हाईवे बंद


यहां बता दें कि पशुपालन मंत्री ने गाय के दूध की पौष्टिकता के बारे में बताते हुए कहा कि बच्चों के मानसिक विकास में गाय का दूध सबसे ज्यादा कारगर होता है। वहीं गोमूत्र के बारे में भी उन्होंने सदन में बताया। उन्होंने कहा कि इतनी उपयोगी होने के बाद भी गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं दिया गया। प्रदेश की सदन में प्रस्ताव के पास होने के बाद अब इसे केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। गौर करने वाली बात है कि पर्वतीय क्षेत्रों मंे बड़ी संख्या में लोग गौपालन से जुड़े हुए हैं।  

Todays Beets: