Wednesday, January 23, 2019

Breaking News

   महाराष्ट्रः ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा चलाई गई शकुंतला नैरो गेज ट्रेन में लगी आग     ||   केरलः दक्षिण पश्चिम तट से अवैध तरीके से भारत में घुसते 3 लोग गिरफ्तार     ||   ताबड़तोड़ एनकाउंटर पर योगी सरकार को SC का नोटिस, CJI बोले- विस्तृत सुनवाई की जरूरत     ||   तेहरान में बोइंग 707 किर्गिज कार्गो प्लेन क्रैश, 10 क्रू मेंबर की मौत     ||   PM मोदी बोले- जवानों के बाद किसानों की आंखों में धूल झोंक रही कांग्रेस     ||   PM मोदी बोले- हम ईमानदारी से कोशिश करते हैं, झूठे सपने नहीं दिखाते     ||   कुशल भ्रष्टाचार और अक्षम प्रशासन का मॉडल है कांग्रेस-कम्युन‍िस्ट सरकार-PM मोदी     ||   CBI: राकेश अस्थाना केस में द‍िल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 20 द‍िसंबर तक टली     ||   बैडम‍िंटन खि‍लाड़ी साइना नेहवाल ने पी कश्यप से की शादी     ||   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||

समय पर ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने वाले डाॅक्टरों पर गिरी गाज, 49 की नियुक्तियां रद्द

अंग्वाल न्यूज डेस्क
समय पर ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने वाले डाॅक्टरों पर गिरी गाज, 49 की नियुक्तियां रद्द

देहरादून। राज्य के चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड द्वारा चयन के बाद भी ज्वाइन नहीं करने वाले डाॅक्टरों पर  शासन सख्त हो गया है। शासन ने ऐसे 49 डाॅक्टरों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि चयन के बाद भी ये डॉक्टर न तो ज्वाइन कर रहे थे और न ही समय समय पर दिए जाने वाले नोटिसों का संज्ञान ही ले रहे थे। बता दें कि राज्य के विभिन्न अस्पतालों में डाॅक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड का गठन किया गया था। 

गौरतलब है कि राज्य के दूरस्थ इलाकों में बड़ी संख्या में डाॅक्टरों की कमी है जिसकी वजह से मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में डाॅक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड का गठन किया गया था। बोर्ड ने 16 मार्च को करीब 478 डाॅक्टरों का चयन किया था। इसमें से ज्यादातर अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर चुके हैं लेकिन 49 डाॅक्टरों ने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है और न ही भेजे गए नोटिस का कोई जवाब ही दिया है। 

ये भी पढ़ें - उत्तराखंड में प्रदूषण फैलाने वाले 740 फैक्ट्रियों को नोटिस जारी, 30 दिनों के बाद होंगे सील


यहां बता दें कि राज्य में डॉक्टरों को सरकारी सेवा की ओर आकर्षित करने के लिए सरकार ने डीएसीपी को भी लागू किया। इसके तहत उनके लिए ज्वाइनिंग के समय ही भविष्य में नियमित पदोन्नति की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी और  अतिरिक्त वेतन भत्तों की व्यवस्था भी दी गई। इसके बावजूद समय पर अपनी ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने वाले डाॅक्टरों की नियुक्ति को स्वास्थ्य सचिव ने निरस्त करने के आदेश दिए हैं।  

Todays Beets: