Thursday, June 27, 2019

Breaking News

   आईबी के निदेशक होंगे 1984 बैच के आईपीएस अरविंद कुमार, दो साल का होगा कार्यकाल    ||   नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत का कार्यकाल सरकार ने दो साल बढ़ाया    ||   BJP में शामिल हुए INLD के राज्यसभा सांसद राम कुमार कश्यप और केरल के पूर्व CPM सांसद अब्दुल्ला कुट्टी    ||   टीम इंडिया की जर्सी पर विवाद के बीच आईसीसी ने दी सफाई, इंग्लैंड की जर्सी भी नीली इसलिए बदला रंग    ||   PIL की सुनवाई के लिए SC ने जारी किया नया रोस्टर, CJI समेत पांच वरिष्ठ जज करेंगे सुनवाई    ||   अमित शाह बोले - साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के गोसडे पर दिए बयान से भाजपा का सरोकार नहीं    ||   भाजपा के संकल्प पत्र में आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का वादा     ||   सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव में ईवीएम और वीवीपैट के मिलान को पांच गुना बढ़ाया    ||    दिल्लीः NGT ने जर्मन कार कंपनी वोक्सवैगन पर 500 करोड़ का जुर्माना ठोंका     ||    दिल्लीः राहुल गांधी 11 मार्च को बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे     ||

बिहार में सरकार गठन के बाद नीतीश से नाराज हुए उनके करीबी कुशवाह और मांझी, अपनों को मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से आहत

अंग्वाल न्यूज डेस्क
बिहार में सरकार गठन के बाद नीतीश से नाराज हुए उनके करीबी कुशवाह और मांझी, अपनों को मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से आहत

नई दिल्ली । बिहार में जदयू-भाजपा की गठबंधन सरकार को बने अभी दो-चार दिन ही हुए हैं लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच सुशासन बाबू नीतीश कुमार को दो सहयोगी उनसे नाराज हो गए हैं। खबर है कि आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाह अपनी पार्टी के विधायक सुधांशू शेखर को मंत्रिमंडल में जगह न दिए जाने के चलते नाराज हो गए हैं। वही एक अन्य सहयोगी जीतन राम मांझी भी मंत्रिमंडल में अपने बेटे को जगह नहीं मिलने के चलते सीएम नीतीश कुमार से खासे नाराज बताए जा रहे हैं। अपनी नाराजगी के बीच मांझी एलजेपी प्रमुख राम विलास पासवान के भाई पुष्मापति कुमार पारस की मिसाल दे रहे हैं, जो न तो विधानसभा के सदस्य हैं ना ही विधानपरिषद के, लेकिन उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। 

ये भी पढ़ें- कांग्रेस-सपा के MLA और MLC का रुख भाजपा की ओर, पार्टियां कह रही-भाजपा साजिश के तहत तोड़ रहे उनके विधायक

मीडिया में आ रहे खबरों के अनुसार, आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाह अपनी चाहते थे कि उनकी पार्टी के दो विधायकों को मंत्री बनाया जाए। हालांकि भाजपा ने कहा कि  एलजेपी और आरएलएसपी दोनों का सिर्फ एक ही विधायक मंत्री बन सकता है। इससे अब कुशवाह नाजार है। वहीं बेटे को मंत्रीपद न दिए जाने से नाराज जीतन राम मांझी दिल्ली आ गए हैं। वह यहां भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत करने की मंशा से आए हैं।  हालांकि बिहार के पूर्व सीएम रहे मांझी के बेटे संतोष सुमन के नाम पर भाजपा ने साफ मना कर दिया। भाजपा ने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि ऐसा किए जाने पर सुमन को एमएलएसी बनाना पड़ता। 

ये भी पढ़ें- एनआईए को मिला गिलानी के हस्ताक्षर वाला कैलेंडर, टेरर फंडिंग मामले में कसा शिकंजा


खबरें आईं कि कुशवाहा ने सुधांशु शेखर का नाम आगे किया था लेकिन नीतीश आरएलएसपी के एमएलसी संजीव श्याम सिंह को मंत्री बनाने में दिलचस्पी दिखा रहे थे.  हालांकि कुशवाहा ने अभी तक अपनी नाराजगी खुलकर नहीं जाहिर की है लेकिन माना जा रहा है कि वो नीतीश के एनडीए में आने को लेकर सहज नहीं हैं। 

ये भी पढ़ें- पुतिन ने अमेरिका के 755 राजनयिकों को देश छोड़ने की चेतावनी दी, कहा जल्द नहीं सुधर सकते अमेरिक...

बहरहाल, नीतीश कुमार और सुशील मोदी इस पूरे गतिरोध को खत्म करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। ऐसी भी खबरें हैं कि मांझी की नाराजगी को दूर करने के लिए उन्हें किसी राज्य का राज्यपाल बना दिया जाए। हालांकि इसकी अभी कोई चर्चा पार्टी के भीतर उच्च स्तर पर नहीं हुई है।

Todays Beets: