Wednesday, May 22, 2019

Breaking News

   अमित शाह बोले - साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के गोसडे पर दिए बयान से भाजपा का सरोकार नहीं    ||   भाजपा के संकल्प पत्र में आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का वादा     ||   सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव में ईवीएम और वीवीपैट के मिलान को पांच गुना बढ़ाया    ||    दिल्लीः NGT ने जर्मन कार कंपनी वोक्सवैगन पर 500 करोड़ का जुर्माना ठोंका     ||    दिल्लीः राहुल गांधी 11 मार्च को बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे     ||    हैदराबाद: टीका लगाने के बाद एक बच्चे की मौत, 16 बीमार पड़े     ||   मध्य प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर होंगे सलमान खान, CM कमलनाथ ने दी जानकारी     ||   पाकिस्तान को FATF से मिली राहत, ग्रे लिस्ट में रहेगा बरकरार     ||   आय से अधिक संपत्ति केसः हिमाचल के पूर्व CM वीरभद्र सिंह के खिलाफ आरोप तय     ||   भीमा-कोरेगांव केसः बॉम्बे HC ने आनंद तेलतुंबड़े की याचिका पर सुनवाई 27 तक टाली     ||

असमान छात्र-शिक्षक अनुपात पर बिफरे मंत्री, शिकायत को जल्द दूर करने के निर्देश

अंग्वाल न्यूज डेस्क
असमान छात्र-शिक्षक अनुपात पर बिफरे मंत्री, शिकायत को जल्द दूर करने के निर्देश

देहरादून। ऐसा लगता है कि प्रदेश के शिक्षा विभाग की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। अब शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे अधिकारियों पर बुरी तरह से बिफर गए। उन्होंने कहा कि कई जगहों से ऐसी शिकायतें आ रहीं हैं कि कम छात्रों वाले स्कूल में अधिक शिक्षक हैं और अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में कम शिक्षक हैं। मंत्री ने अधिकारियों को इस तरह की शिकायत फौरन दूर करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने शैक्षिक सत्र 2019-20 के लिए एनसीईआरटी की किताबों का समय पर इंतजाम करने को कहा है। 7 दिसंबर को शिक्षा निदेशक एनसीईआरटी की वेंडरों के साथ बैठक करेंगे।

गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को स्कूलों में छात्रों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की तैनाती करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि उन्हें लगातार ऐसी शिकायतें आ रहीं है कि कई स्कूलांे में छात्र अधिक हैं और शिक्षक कम तो वहीं कई स्कूलांे में छात्र कम हैं और शिक्षक ज्यादा। शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने लक्सर के विधायक संजय गुप्ता की मांग पर मुन्ना खेड़ा कलां हाईस्कूल के उच्चीकरण का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है।

ये भी पढ़ें - राज्य सरकार ने पेश किया पहला अनुपूरक बजट, जानें किस मद में दी गई कितनी रकम


यहां बता दें कि प्रदेश सरकार ने दूरस्थ इलाकों के कम छात्रों वाले स्कूलों को बंदकर उसे बड़े स्कूलों के साथ विलय करने की बात कही थी। इसके बाद भी इस तरह की कई शिकायत आ रही है कि स्कूलों में छात्रों की संख्या के अनुसार, शिक्षक मौजूद नहीं हैं। गौर करने वाली बात है कि मंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षकों के ब्लॉक कैडर की व्यवस्था को खत्म करने की तैयारी भी है। जिला स्तर पर शिक्षकों के समायोजन और नियुक्तियों में आ रही समस्या को देखते हुए इसे जिला कैडर करने पर विचार किया जा रहा है। 

 

Todays Beets: