Sunday, December 16, 2018

Breaking News

   कुशल भ्रष्टाचार और अक्षम प्रशासन का मॉडल है कांग्रेस-कम्युन‍िस्ट सरकार-PM मोदी     ||   CBI: राकेश अस्थाना केस में द‍िल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 20 द‍िसंबर तक टली     ||   बैडम‍िंटन खि‍लाड़ी साइना नेहवाल ने पी कश्यप से की शादी     ||   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||   बाबा रामदेव रांची में खोलेंगे आचार्यकुलम, क्लास 1 से क्लास 4 तक मिलेगी शिक्षा     ||   मैंने महिलाओं व अन्य वर्गों के लिए काम किया, मेरा काम बोलेगा: वसुंधरा राजे     ||   बजरंगबली पर दिए गए बयान को लेकर हिन्दू महासभा ने योगी को कानूनी नोटिस भेजा     ||   पीएम मोदी 3 द‍िसंबर को हैदराबाद में लेंगे पब्ल‍िक मीट‍िंग     ||   भगत स‍िंह आतंकवादी नहीं, हमारे देश को उन पर गर्व है- फारुख अब्दुल्ला     ||   अन‍िल अंबानी की जेब में देश का पैसा जा रहा है-राहुल गांधी     ||

स्कूली शिक्षा को सुधारने की कवायद तेज, देरी से आने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई

अंग्वाल न्यूज डेस्क
स्कूली शिक्षा को सुधारने की कवायद तेज, देरी से आने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई

देहरादून। राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने की कवायद तेज कर दी गई है। इसके तहत देरी से स्कूल आने वाले शिक्षकों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शिक्षा सचिव डाॅक्टर भूपिंदर कौर औलख ने कहा कि स्कूलों के शुरू होने और खत्म होने के बीच जिला स्तर के शिक्षा अधिकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे और अनुपस्थित या फिर देर से आने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई करने की बात कही है। पिछले दिनों समीक्षा बैठक में इस बात का खुलासा हुआ था कि तैनाती स्थल के करीब शिक्षकों के रहने से स्कूलों का परिणाम बेहतर रहा था। 

गौरतलब है कि समीक्षा बैठक में इस बात कर भी पता चला कि ज्यादातर शिक्षक अपनी मूल तैनाती वाली जगह से काफी दूर शहरी इलाकों में रहते हैं जिससे उनका अधिकतर समय स्कूलों में आने-जाने में ही बीत जाता है। ऐसे में  छात्रांे की शिक्षा प्रभावित होती है। शिक्षा सचिव डाॅक्टर भूपिंदर कौर औलख ने कहा कि यह कदम सिर्फ शहरी ही नहीं बल्कि दूर-दराज के स्कूलों में तैनात शिक्षकों की लेटलतीफी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

ये भी पढ़ें - डिग्री काॅलेजों में संविदा पर तैनात शिक्षकों को सरकार ने दी बड़ी राहत, मिला सेवा विस्तार का तोहफा 


यहां बता दें कि राज्य के स्कूलों में पहले से ही शिक्षकों की भारी कमी है और बीच में शिक्षकों के हड़ताल पर चले जाने से शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। शिक्षकों के आंदोलन पर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद इन शिक्षकों ने अपना आंदोलन वापस लिया था। गौर करने वाली बात है कि शिक्षकों की लेटलतीफी पर लगाम लगाने के लिए शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने जिला स्तरीय शिक्षा अधिकारियों को नियमित रूप से स्कूलों का औचक मुआयना शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जो भी शिक्षक लगातार देर से आ रहे हैं या फिर गायब हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Todays Beets: