Sunday, February 17, 2019

Breaking News

   महाराष्ट्रः ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा चलाई गई शकुंतला नैरो गेज ट्रेन में लगी आग     ||   केरलः दक्षिण पश्चिम तट से अवैध तरीके से भारत में घुसते 3 लोग गिरफ्तार     ||   ताबड़तोड़ एनकाउंटर पर योगी सरकार को SC का नोटिस, CJI बोले- विस्तृत सुनवाई की जरूरत     ||   तेहरान में बोइंग 707 किर्गिज कार्गो प्लेन क्रैश, 10 क्रू मेंबर की मौत     ||   PM मोदी बोले- जवानों के बाद किसानों की आंखों में धूल झोंक रही कांग्रेस     ||   PM मोदी बोले- हम ईमानदारी से कोशिश करते हैं, झूठे सपने नहीं दिखाते     ||   कुशल भ्रष्टाचार और अक्षम प्रशासन का मॉडल है कांग्रेस-कम्युन‍िस्ट सरकार-PM मोदी     ||   CBI: राकेश अस्थाना केस में द‍िल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 20 द‍िसंबर तक टली     ||   बैडम‍िंटन खि‍लाड़ी साइना नेहवाल ने पी कश्यप से की शादी     ||   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||

आॅनलाइन शाॅपिंग करने वालों को अगले महीने से लगेगा झटका, देना होगा ज्याद टैक्स

अंग्वाल न्यूज डेस्क
आॅनलाइन शाॅपिंग करने वालों को अगले महीने से लगेगा झटका, देना होगा ज्याद टैक्स

नई दिल्ली। बाजार जाने के झंझट से बचने के लिए आॅनलाइन शाॅपिंग का आनंद उठाने वाले सावधान हो जाएं। अगले महीने से इसके लिए आपको ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ेगा। सरकार ने 1 अक्टूबर 2018 से सभी ई-काॅमर्स कंपनियों के लिए टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) और टैक्स डिटेक्टेड एट सोर्स (टीडीएस) पर 1 फीसदी कर लगाने का फैसला लिया है। यहां बता दें कि केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिनियम के अनुसार अधिसूचित कंपनियों को 2.5 लाख रुपये से अधिक की वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति के भुगतान पर 1 फीसदी टीडीएस काटना जरूरी होगा। साथ ही, राज्य कानूनों के तहत राज्य 1 फीसदी टीडीएस वसूलेंगे।  

गौरतलब है कि पूरे देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 1 जुलाई 2017 को लागू किया था। चूंकि कारोबारी उस समय पूरी तरह से तैयार नहीं थे इसलिए इसे 30 अक्टूबर 2018 तक के लिए टाल दिया गया था।  अब 18 सितंबर से इसके लिए पंजीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। सरकार के इस कदम के बाद कारोबारियों को जल्दी ही अपने सिस्टम में बदलाव करना पड़ेगा। नई व्यवस्था से ई-काॅमर्स कंपनियों की सही कमाई का पता लग सकेगा, साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर की चोरी पर भी लगाम लगेगी। 


ये भी पढ़ें- जेल से रिहा होती की भाजपा के खिलाफ दहाड़ा ‘रावण’, 2019 में उखाड़ फेंकने की अपील

यहां बता दें कि इस वित्त वर्ष में रिकाॅर्ड जीएसटी का कलेक्शन किया गया है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी के मकसद से ही सरकार ने यह कदम उठाया है। 

Todays Beets: