Thursday, September 21, 2017

Breaking News

   जम्मू कश्मीर के नौगाम में लश्कर कमांडर अबू इस्माइल के साथ मुठभेड़,     ||   राम रहीम मामले पर गौतम का गंभीर प्रहार, कहा- धार्मिक मार्केटिंग का यह एक क्लासिक उदाहरण    ||   ट्राई ने ओवरचार्जिंग के लिए आइडिया पर लगाया 2.9 करोड़ का जुर्माना    ||   मदरसों का 15 अगस्त को ही वीडियोग्राफी क्यों? याचिका दायर, सुनवाई अगले सप्ताह    ||   पंचकूला से लंदन तक दिखा राम-रहीम विवाद का असर, ब्रिटेन ने जारी की एडवाइजरी    ||   PAK कोर्ट ने हिंदू लड़की को मुस्लिम पति के साथ रहने की मंजूरी दी    ||   बिहार आए पीएम मोदी, बाढ़ से हुई तबाही की गहन समीक्षा की    ||   जेल में ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राम रहीम को सुनाई जाएगी सजा    ||   मच्छल में घुसपैठ नाकाम, पांच आतंकी ढेर, भारी मात्रा में गोलाबारूद बरामद    ||   जापान के बाद अब अमेरिका के साथ युद्धाभ्यास की तैयारी में भारत    ||

रेहिंग्याओं ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई गुहार, केंद्र ने हलफनामा पेश कर देश के लिए बताया खतरा

अंग्वाल संवाददाता
 रेहिंग्याओं ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई गुहार, केंद्र ने हलफनामा पेश कर देश के लिए बताया खतरा

श्रीनगर। जहां एक तरफ पीएम मोदी की सरकार देश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस म्यांमार भेजने के प्रयास कर रही है, तो वहीं दूसरी तरह जम्मू में रह रहे 7,000 रोहिंग्या शरणार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर केंद्र सरकार द्वारा उन्हें वापस भेजने के आदेश को रोकने की मांग की है। याचिका में इन लोगों ने कहा कि सरकार का उन्हें कट्टरवादी कहना गलत है। वे मुसलमान हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। जबकि तिब्बती शरणार्थियों के बारे में सरकार का यह रूख नहीं है।

यह भी पढ़े- अपने जन्मदिवस के मौके पर यह खास काम करेंगे प्रधानमंत्री मोदी 


बता दें कि रोहिंग्या मुसलमान जम्मू क्षेत्र में 23 कैंपों में रह रहे हैं। मुख्य न्यायधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की पीठ ने कहा कि इस मामले में सोमवार को अन्य संबंधित याचिकाओं के साथ सुनवाई होगी। याचिका में शारणार्थियों ने कहा है कि वे किसी भी आंतकवादी गतिविधि में शामिल नहीं है। वे पुलिस को पूरा सहयोग करते हैं। सरकार उन्हें आंतकवादी घोषित कर रही है। यदि वापस म्यांमार भेजा गया तो उन्हें मार दिया जाएगा।

हाल ही में आरएसएस के विचारक गोविंदाचार्य और चेन्नई के इंडिया कलेक्टिव ट्रस्ट ने भी कोर्ट में अपनी याचिकाएं दायर की हैं, जिसमें इन रोहिंग्या शरणार्थियों को देश के लिए खतरनाक बताया गया है। साथ ही मांग की है कि रोहिंग्या शरणार्थियों को उनके देश वापस भेजा जाए। गोविंदाचार्य ने कहा कि इनकी मौजूदगी से देश का विभाजन हो सकता है। अलकायदा उन्हें जेहाद के नाम पर उकसा सकता है। ऐसी सूरत में यह भारतवासियों के लिए एक खतरा साबित हो सकते हैं। 

Todays Beets: