Sunday, January 20, 2019

Breaking News

   ताबड़तोड़ एनकाउंटर पर योगी सरकार को SC का नोटिस, CJI बोले- विस्तृत सुनवाई की जरूरत     ||   तेहरान में बोइंग 707 किर्गिज कार्गो प्लेन क्रैश, 10 क्रू मेंबर की मौत     ||   PM मोदी बोले- जवानों के बाद किसानों की आंखों में धूल झोंक रही कांग्रेस     ||   PM मोदी बोले- हम ईमानदारी से कोशिश करते हैं, झूठे सपने नहीं दिखाते     ||   कुशल भ्रष्टाचार और अक्षम प्रशासन का मॉडल है कांग्रेस-कम्युन‍िस्ट सरकार-PM मोदी     ||   CBI: राकेश अस्थाना केस में द‍िल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 20 द‍िसंबर तक टली     ||   बैडम‍िंटन खि‍लाड़ी साइना नेहवाल ने पी कश्यप से की शादी     ||   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||   बाबा रामदेव रांची में खोलेंगे आचार्यकुलम, क्लास 1 से क्लास 4 तक मिलेगी शिक्षा     ||   मैंने महिलाओं व अन्य वर्गों के लिए काम किया, मेरा काम बोलेगा: वसुंधरा राजे     ||

पूर्व सांसदों की पेंशन नहीं होगी बंद, सुप्रीम कोर्ट ने ‘लोक प्रहरी’ की याचिका की खारिज

अंग्वाल न्यूज डेस्क
पूर्व सांसदों की पेंशन नहीं होगी बंद, सुप्रीम कोर्ट ने ‘लोक प्रहरी’ की याचिका की खारिज

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने ‘लोक प्रहरी’ नाम के एनजीओ द्वारा पूर्व सांसदों को आजीवन दी जाने वाली पेंशन और भत्तों को बंद करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में कोर्ट फैसला नहीं दे सकता है। एक सांसद बनने के लिए लोग पूरा जीवन लगा देते हैं। ऐसे में हारने के बाद भी उन्हें लोगों से मिलने और साथ क्षेत्र के दौरे करने पड़ते हैं जिसके लिए पैसों की जरूरत होती है। इस मामले में कोर्ट ने 7 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया था। केंद्र की तरफ से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पूर्व सांसदों को आजीवन पेंशन और भत्ते दिये जाने का समर्थन किया। 

गौरतलब है कि केन्द्र सरकार की ओर से अटाॅर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि पूर्व सांसदों को भी देश-विदेश की यात्रा करनी पड़ती है। यहां बता दें कि लोक प्रहरी एनजीओ के द्वारा यह कहा गया कि करीब 82 फीसदी पूर्व सांसद करोड़पति हैं ऐसे में उनकी पेंशन बंद कर देनी चाहिए।

ये भी पढ़ें - मक्का मस्जिद ब्लास्ट के सभी आरोपी बरी, एनआईए की विशेष कोर्ट ने सुनाया फैसला


यहां बता दें कि सर्वोच्च अदालत ने कहा कि सांसदों को कुछ विशेषधिकार दिए जाते हैं। उनकी ‘पेंशन’ को संसद मुआवजा का नाम दे सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि सांसदों को हारने या जीतने के बाद भी अपने क्षेत्र में जाने और लोगों से मिलने की जरूरत होती है ऐसे में पेंशन जीवन को सम्मानजनक तरीके से आगे बढ़ाने के लिए भत्ते का रूप हो सकती है।  हालांकि पीठ ने अटॉर्नी जनरल को यह सूचना देने के लिए कहा है कि क्या पेंशन और भत्तों को सांसदों को देने के लिए कोई तंत्र बनाया जा रहा है क्योंकि पिछले 12 सालों से यह मुद्दा लंबित है।

 

Todays Beets: