Thursday, January 23, 2020

पंचग्रही योग के साथ 2020 का पहला चंद्रग्रहण कल , ग्रहण के दौरान चंद्रमा मिथुन राशि में , जानें ग्रहण का समय

अंग्वाल न्यूज डेस्क
पंचग्रही योग के साथ 2020 का पहला चंद्रग्रहण कल , ग्रहण के दौरान चंद्रमा मिथुन राशि में , जानें ग्रहण का समय

नई दिल्ली । आगामी शुक्रवार यानी 10 जनवरी को इस साल का पहला चंद्रग्रहण (Chandra Grahan 2020 ) लगने वाला है ।  चंद्रग्रहण शुक्रवार रात 10:37 से शुरू होकर 11 जनवरी की सुबह 2:45 तक रहेगा । इस दौरान जातकों के लिए सोना मना होता है। वैसे भी जहां सुर्य ग्रहण को आत्मकारक कहा जाता है तो चंद्र ग्रहण मनकारक होता है । इसलिए चंद्र ग्रहण निश्चित रूप से लोगों पर भारी पड़ेगा । बैसे भी इस बार ग्रहण में पंचग्रही योग का विशेष संयोग बन रहा है और ये पंचग्रही योग कालचक्र की कुंडली में बन रहा है । चंद्र ग्रहण के दौरान स्थितियां बहुत तेजी से बदलती हैं । अब क्योंकि ग्रहण देर रात में पड़ रहा है ऐसे में अगर आप जाग नहीं सकते तो एक छोटे से उपाय से आप इस स्थिति के दुषप्रभावों से बच सकते हैं । आपको करना बस यह है कि ग्रहण के दौरान आपको अपने बेडरूम में एक जल वाला नारियल रखना है। 

विदित हो कि इस बार के चंद्रग्रहण का असर व्यापार पर भी पड़ेगा । ग्रहण के दौरान चंद्रमा मिथुन राशि में होगा और मिथुन राशि का स्वामी बुध होता है । बुध व्यापार का भी स्वामी है. इसलिए यह चंद्र ग्रहण व्यापारिक रूप से दोषपूर्ण होगा ।

इस साल का पहला चंद्रग्रहण में पंचग्रही योग का विशेष संयोग बन रहा है जो कालचक्र की कुंडली में बन रहा है । ऐसे में आइये आपको बताते हैं इस पंचग्रही योग के बारे में । असल में सूर्य, बुध, गुरु, शनि और केतु ये पांच ग्रह धनु राशि पर लगे हुए हैं और इस बार का चंद्र ग्रहण मिथुन राशि में लग रहा है ।  जब मिथुन राशि पर ग्रहण लगेगा तब 7वें स्थान पर यह पांचों ग्रह धनु राशि पर एकत्र हो जाएंगे । 


ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि जब पांचों ग्रह एक साथ मिलेंगे तो इससे उथल-पुथल मचेगी , जो कई तरह का नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकती हैं । शुक्रवार को पड़ने वाला यह चंद्र ग्रहण कुछ खास है , क्योंकि इसका असर न केवल भारत बल्कि यूरोप, अफ्रीका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया में भी पड़ेगा ।

भारत में जहां इस योग के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की आशंका जताई जा रही है , वहीं यूरोप समेत अन्य देशों में जनता में आक्रोश की ओर इशारा कर रहा है । 

बता दें कि चंद्रमा का प्रभाव विशेष रूप से जलकारक होता है और वह जलकारक प्रभाव नारियल अपने में खींच लेगा । ऐसे में व्यापारियों को चाहिए कि वह अपने काउंटर पर एक नारियल को रख दें , इससे ग्रहण का प्रभाव उनके कारोबार को बचाएगा ।  

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