Friday, August 17, 2018

Breaking News

   मंगल ग्रह पर आशियाना बनाएगा इंसान, वैज्ञानिकों को मिली पानी की सबसे बड़ी झील     ||   भाजपा नेता का अटपटा ज्ञान, 'मृत्युशैया पर हुमायूं ने बाबर से कहा था, गायों का सम्मान करो'     ||   आज से एक हुए IDEA-वोडाफोन! अब बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी     ||   गोवा में बड़ी संख्‍या में लोग बीफ खाते हैं, आप उन्‍हें नहीं रोक सकते: बीजेपी विधायक     ||   चीन फिर चल रहा 'चाल', डोकलाम में चुपचाप फिर शुरू कीं गतिविधियां : अमेरिकी अधिकारी     ||   नीरव मोदी, चोकसी के खिलाफ बड़ा एक्शन, 25-26 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश     ||   जापान में फ़्लैश फ्लड से 200 लोगों की मौत     ||   देहरादून में जलभराव पर सरकार ने लिया संज्ञान अधिकारियों को दिए निर्देश     ||   भारत ने टॉस जीता फील्डिंग करने का फैसला     ||   उपेन्द्र राय मनी लाउंड्रिंग मामले में सीबीआई ने 2 अधिकारियों को गिरफ्तार किया     ||

दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल को दिया बड़ा झटका, मानहानि मामले में दायर याचिका की खारिज 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल को दिया बड़ा झटका, मानहानि मामले में दायर याचिका की खारिज 

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक बड़ा झटका दिया है। केजरीवाल ने कोर्ट से कुछ दस्तावेजों के मांग की थी जिसे खारिज कर दिया गया। बता दें कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर डीडीसीए के अध्यक्ष रहने के दौरान बड़ी अनियमितताओं का आरोप लगाया था। इसके बाद जेटली ने उनपर मानहानि का मुकदमा करते हुए 10 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है।

आॅडिट रिपोर्ट पेश करने की याचिका

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने जेटली द्वारा दायर किए गए मानहानि के गवाह और दस्तावेजों को कोर्ट से मंगाने की मांग की थी इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। केजरीवाल ने कोर्ट में डीडीसीए की 2012-13, 2013-14 और 2014-15 की आॅडिट रिपोर्ट की पेश करने के लिए की मांग की, उन्होंने कहा कि इसके अलावा उन्हें बाद में भी इससे जुड़े दस्तावेज पेश करने की मंजूरी मिलनी चाहिए। 


ये भी पढ़ें - प्रेम कुमार धूमल होंगे हिमाचल में भाजपा के सीएम पद के उम्मीदवार- अमित शाह

हर्जाने की मांग

आपको बता दें कि केजरीवाल ने कोर्ट ने बताया कि ये दस्तावेज उन्हें कुछ दिनों पहले मिले हैं यही वजह है कि उसे लिखित रिपोर्ट दर्ज कराते समय पेश नहीं किया जा सका। उनका कहना है कि इन दस्तावेजों में काफी महत्वपूर्ण जानकारियां हैं जिससे साफ हो जाएगा कि डीडीसीए में किस तरह से वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। बता दें कि अरुण जेटली ने केजरीवाल के इस आरोप को गलत बताते हुए हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है और 10 करोड़ रुपये हर्जाना दिलाने की मांग की है।

Todays Beets: