Saturday, November 25, 2017

Breaking News

   मैदान पर विराट के आक्रामक रवैये पर राहुल द्रविड़ को सताई चिंता     ||   अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित नहीं करेगा चीन, प्रस्ताव पर रोक लगाने के संकेत     ||   दुनिया की सबसे लंबी सुरंग बनाकर चीन अब ब्रह्मपुुत्र नदी का पानी रोकने का बना रहा है प्लान     ||   पीएम मोदी को शीला दीक्षित ने दिया जवाब- हमने नहीं भुलाया पटेल का योगदान    ||   पटना पहुंचे मोहन भागवत, यज्ञ में भाग लेने जाएंगे आरा, नीतीश भी जाएंगे    ||   अखिलेश को आया चाचा शिवपाल का फोन, कहा- आप अध्यक्ष हैं आपको बधाई    ||   अमेरिका में सभी श्रेणियों में H-1B वीजा के लिए आवश्यक कार्रवाई बहाल    ||   रोहिंग्या पर किया वीडियो पोस्ट, म्यांमार की ब्यूटी क्वीन का ताज छिना    ||   अब गेस्ट टीचरों को लेकर CM केजरीवाल और LG में ठनी    ||   केरल में अमित शाह के बाद योगी की पदयात्रा, राजनीतिक हत्याओं पर लेफ्ट को घेरने की रणनीति    ||

सुप्रीम कोर्ट का फैसला, हिंदू परिवार की संपत्ति पर होगा सभी का बराबर हिस्सा 

अंग्वाल संवाददाता
सुप्रीम कोर्ट का फैसला, हिंदू परिवार की संपत्ति पर होगा सभी का बराबर हिस्सा 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि हिंदू अविभाजित परिवार की संपत्ति पर सभी लोगों का बराबर हिस्सा होगा। अगर कोई सदस्य इस पर हक जताता है कि सब उसका है उसने अर्जित किया है, तो उसे कानूनी रूप से साबित करना होगा। न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल और अभय स्प्रे ने कहा कि जो व्यक्ति संपत्ति पर दावा करता है कि सब उसका है तो उसे अदालत में साबित करना होगा कि इसे उसने खुद अर्जित किया था। यह व्यक्तिगत तौर पर उसकी जिम्मेदारी होगी। पीठ ने कहा कि हिंदू लॉ में यह मान्यता है कि हिंदू परिवार खाने, पूजा व संपत्ति में एक होता है, जब तक कि कानूनी तौर पर बंटवारा न हो जाए। 

अदालत ने यह फैसला एक याचिकाकर्ता की याचिका खारिज करते हुए सुनाया है। याचिकाकर्ता ने अदालत में याचिका दर्ज कर संयुक्त परिवार की कृषि भूमि पर अपना हक जताया था। उसका कहना था कि इसे उसने खुद अर्जित किया था। इस मुद्दे पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें अदालत ने इस संपत्ति को संयुक्त परिवार का माना था। साथ ही अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने में असफल रहा है कि यह सब उसने खुद अर्जित किया है। इससे साफ होता है कि व्यक्ति संपत्ति को हड़पने के चक्कर में था।


अदालत का कहना है कि जब तक सदस्य कानूनी रूप से यह साबित नहीं कर पाता कि सारी संपत्ति को उसने ही अर्जित किया है। तब तक संपत्ति पर संयुक्त परिवार का बराबर हिस्सा होगा।

Todays Beets: