Wednesday, August 23, 2017

Breaking News

   मच्छल में घुसपैठ नाकाम, पांच आतंकी ढेर, भारी मात्रा में गोलाबारूद बरामद    ||   जापान के बाद अब अमेरिका के साथ युद्धाभ्यास की तैयारी में भारत    ||   SC में आर्टिकल 370 को हटाने के लिए याचिका दायर, कोर्ट ने दिया केंद्र को नोटिस    ||   राज्यसभा में सिब्बल बोले- छप रहे 1 नंबर के दो नोट, सदी का सबसे बड़ा घोटाला    ||   नीतीश सरकार के मंत्रिमंडल का आज होगा विस्तार, शपथ ले सकते हैं 16 मंत्री    ||   सपा को तगड़ा झटका, बुक्कल नवाब समेत 2 MLC का इस्तीफा, की मोदी-योगी की तारीफ    ||   नगालैंड: शुरहोजेली ने विश्वासमत से पहले ही मानी हार, ज़ेलियांग ने ली CM पद की शपथ    ||   बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा- पार्टी कहेगी तो दे दूंगा इस्तीफा    ||   डोकलाम विवाद: भारतीय सीमा के पास खूब हथियार जमा कर रहा है चीन!    ||   रवि शास्त्री की चाहत- सचिन को मिले भारतीय बल्लेबाजी का जिम्मा    ||

व्यापमं घोटाले के आरोपी प्रवीण ने अपने घर में की खुदकुशी, कोर्ट-कचहरी में चक्कर काटने से था परेशान

अंग्वाल संवाददाता
व्यापमं घोटाले के आरोपी प्रवीण ने अपने घर में की खुदकुशी, कोर्ट-कचहरी में चक्कर काटने से था परेशान

मुरैना । एक बार फिर व्यापमं का जिन्न बाहर निकल कर आया है। व्यापमं घोटाले के आरोपियों पर छाए संकट के बादल एक बार फिर गहराए हैं। इस बार मुरैना स्थित महाराजपुर गांव में व्यापमं घोटाले के एक आरोपी प्रवीण यादव ने बुधवार सुबह अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है। प्रवीण का वर्ष 2008 में चिकित्सा शिक्षा के लिए चयन हुआ था। हालांकि बाद में व्यापमं घोटाला उजागर होने पर वर्ष 2012 में उसे इस घोटाले में आरोपी बनाया गया था। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रवीण के परिजनों का कहना है कि जब से उस पर इस घोटाले मे शामिल होने के आरोप लगे थे तभी से वह काफी परेशान रहने लगा था। 

ये भी पढ़ें- टेरर फंडिंग पर एक और करारी चोट, श्रीनगर से शब्बीर शाह मनी लॉड्रिंग मामले में गिरफ्तार

जानकारी के मुताबिक प्रवीण कुमार मंगलवार कुछ परेशान नजर आ रहा था। बुधवार सुबह सुबह उसने अपने घर में ही खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि व्यापमं घोटाले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने जांच में प्रवीण की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए थे और उसे इस घोटाले में आरोपी बनाया था। परिजनों का कहना है कि एसआईटी द्वारा आरोपी बनाए जाने के बाद से वह नियमित रूप से जबलपुर हाईकोर्ट में पेशी पर जाता रहा है। हालांकि बार बार बयान देने के लिए बुलाए जाने से वह परेशान हो गया था। उसके पास इस समय कोई नौकरी भी नहीं थी। न ही इस केस के चक्कर में आकर वह कोई कामकाज ही कर पा रहा था। 


ये भी पढ़ें- रामनाथ कोविंद ने ली राष्ट्रपति पद की शपथ, कहा हम अलग फिर भी एक हैं

परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनका बच्चा पढ़ने में तेज था। अपनी शैक्षिक योग्यता के बल पर ही उसका चयन व्यापमं में हुआ था लेकिन बाद में उसे झूठे केस में फंसा दिया गया, जिसके चलते अब उसने अपना अंत कर लिया है। 

Todays Beets: