Sunday, February 5, 2023

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जोशीमठ आपदा LIVE - PM मोदी के हस्तक्षेप के बाद कई जांच टीमें पहुंची , पावर प्रोजक्ट बंद करने पर मंथन

अंग्वाल न्यूज डेस्क
जोशीमठ आपदा LIVE - PM मोदी के हस्तक्षेप के बाद कई जांच टीमें पहुंची , पावर प्रोजक्ट बंद करने पर मंथन

न्यूज डेस्क । उत्तराखंड के जोशीमठ में आई प्राकृतिक आपदा ने पूरे प्रदेश के लोगों के लोगों को दहशत में ला दिया है । जोशीमठ में घरों , सड़कों पर आई बड़ी बड़ी दरारों के चलते अब तक 606 परिवार प्रभावित हुए हैं , जबिक अब तक 65 परिवार पलायन कर चुके हैं । इस घटनाक्रम पर अब पीएमओ की नजर बनी हुई है । खुद पीएम मोदी उत्तराखंड के सीएम धामी से लगातार संपर्क बनाकर जानकारी ले रहे हैं । वहीं पीएमओ के सीधे नजर रखने पर राज्य के अफसर भी हरकत में आ गए हैं । इस समय एनडीआरएफ की 1 और एसडीआरएफ की 3 टीमें आई दरारों की गहना से जांच कर रही हैं । वहीं  आज (9 जनवरी) पिटकुल (PTCUL) की टीम जोशीमठ के लिए रवाना हो गई है । इन दरारों को लेकर आज एक्सपर्ट कमेटी इलाके का दौरा करेगी , वहीं बॉर्डर मैनेजमेट की टीम जोशीमठ जाएगी । इतना ही नहीं आज दोपहर बाद सीएम धामी इस मामले को लेकर एक हाईलेवल बैठक करने जा रहे हैं । इस दौरान उत्तराखंड के कुछ पावर प्रोजेक्ट को बंद करने पर विचार हो रहा है । 

धीरे धीरे बढ़ रही है आफत

बता दें कि बद्रीनाथ धाम के प्रवेश द्वार जोशीमठ में जमीन धंसने , मकानों, दुकानों और होटलों की दीवारों में दरारें आने की घटनाओं में तेजी से इजाफा हो रहा है । इसे लेकर आज (9 जनवरी) पिटकुल (PTCUL) की टीम जोशीमठ के लिए रवाना हो गई है । यह टीम एमडी पीसी ध्यानी के नेतृत्व में रवाना हुई है । इस दौरान टीम बिजली की लाइनों पर पड़ने वाले असर पर रिसर्च करेगी । 

ट्रांसमिशन की लाइन का रखरखाव होगा

सामने आया है कि अगर इस प्राकृतिक आपदा से ट्रांसमिशन की लाइनों पर प्रभाव पड़ रहा होगा तो समय से उसका रखरखाव किया जाएगा ।  भू-वैज्ञानिक और विशेषज्ञ हिमालय के अन्य क्षेत्रों के बारे में भी चेतावनी जारी कर रहे हैं ।एक्सपर्ट्स की मानें तो उत्तरकाशी (Uttarkashi) और नैनीताल (Nainital) भी भू-धंसाव की जद में हैं ।  

लोगों की आफत बढ़ी


इस सबसे इतर , जोशीमठ के करीब 600 घरों की इमारतों में दरारें आने के बाद इन घरों में रहने वाले लोगों को कड़ाके की ठंड से भी जूझना पड़ रहा है । यहां अब तक 70 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों में ट्रांसफर कर दिया गया है । बीते दिन यानी रविवार को जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को जरूरी घरेलू सामान के लिए सहायता राशि बांटी । बढ़ते खतरे को देखते हुए कम से कम 90 और परिवारों को अपने घर जल्द से जल्द खाली करने होंगे । 

बद्रीनाथ हाईवे पर चक्काजाम

इस घटना से आहत और प्रशासन से गुस्साए स्थानीय लोगों ने सोमवार को बद्रीनाथ हाईवे पर चक्काजाम करते हुए जाम लगाया । भारी संख्या में पहुंची महिलाएं सड़क पर बैठ गईं । इन लोगों का कहना है कि इस आपदा से निपटने में प्रशासन सुस्त नजर आ रहा है । 

जोशीमठ को तीन जोन में बांटा

इसे लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला प्राधिकरण के अध्यक्षों को निर्देश दे दिए हैं कि पहाड़ी राज्य में अब तय मानक से ज्यादा जो भी निर्माण कार्य हो रहा उसे पूरी तरह से रोक दिया जाएगा ।  जोशीमठ शहर में लगातार स्थिति खराब होते देख इसे प्रशासन ने तीन अलग-अलग जोन में बांटने का फैसला किया है । ये जोन होंगे असुरक्षित, सुरक्षित और बफर जोन. जोन के आधार पर चिन्हीकरण के आदेश दिए गए हैं । लोगों के मन में डर है कि उन्हें अपने दशकों पुराने घरों को छोड़ यहां से जाना पड़ेगा । खतरे को देखते हुए सरकार भी लगातार कड़े कदम उठा रही है ।

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