Tuesday, December 10, 2019

Breaking News

   रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सुरक्षा में चूक, मोटरसाइकिल काफिले के सामने आया शख्स     ||   दिल्ली: राजनाथ सिंह के सामने आया शख्स, पीएम मोदी से मिलाने की मांग की     ||   उत्तराखंड के बद्रीनाथ में भारी हिमपात , तापमान माइनस पर पहुंचा    ||   नेपालः कास्की में कम्युनिस्ट पार्टी के बैठक स्थल के पास पार्किंग में धमाका     ||   राम मंदिर मामले में रिव्यू याचिका दायर करेगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड     ||   दिल्ली हाईकोर्ट ने मालविंदर सिंह और सुनील गोड़वानी को एक दिन की ED हिरासत में भेजा     ||   बीजेपी ने पार्टी महासचिव अरुण सिंह को यूपी से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया     ||   पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की न्यायिक हिरासत 11 दिसंबर तक बढ़ाई गई     ||   INX मीडिया केस: पी चिदंबरम को झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका     ||   वकील VS पुलिस मामला: HC ने कहा- जांच पूरी होने तक पुलिस पक्ष से नहीं होगी गिरफ्तारी     ||

ऋषिकेश में गंगा किनारे अतिक्रमण पर हाईकोर्ट ने सरकार समेत DM - HRDA को भेजा नोटिस , 4 सप्ताह में देना होगा जवाब

अंग्वाल संवाददाता
ऋषिकेश में गंगा किनारे अतिक्रमण पर हाईकोर्ट ने सरकार समेत DM - HRDA को भेजा नोटिस , 4 सप्ताह में देना होगा जवाब

ऋषिकेश । नैनीताल हाईकोर्ट ने ऋषिकेश में गंगा किनारे किए गए अतिक्रमण के मामले में सुनवाई करते हुए  जिलाधिकारी, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए), राज्य सरकार, एसडीएम और सिंचाई विभाग को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।  मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के अधिवक्ता विवेक शुक्ला की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिए हैं। 

बता दें कि हरिद्वार निवासी और हाईकोर्ट के अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने नैनीताल हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर करते हुए मुद्दा उठाया था कि ऋषिकेश में परमार्थ निकेतन स्वर्गाश्रम ने गंगा के किनारे और सिंचाई विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर व्यावसायिक भवन बनाया गया है। उन्होंने अपने याचिका में कहा कि इस परमार्थ निकेतन में विवाह समारोह और पार्टियां भी आयोजित होती हैं। 


शुक्ला ने अपनी याचिका में कहा कि समारोह में होने वाले कूड़े को गंगा नदी में डाल दिया जाता है , जिससे गंगा प्रदूषित हो रही है। ऐसे में इस सब पर रोक लगाए जाने की जरूरत है । 

याचिकाकर्ता की शिकायत के बाद पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जिलाधिकारी, हरिद्वार विकास प्राधिकरण, राज्य सरकार, एसडीएम और सिंचाई विभाग को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।

 

Todays Beets: