Monday, March 1, 2021

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उत्तराखंड की झांकी में हिंदी गीत सुनकर उदास हुए देवभूमि के लोग , केदारनाथ पर लोकगायकों की न धुन न गीत

अंग्वाल न्यूज डेस्क
उत्तराखंड की झांकी में हिंदी गीत सुनकर उदास हुए देवभूमि के लोग , केदारनाथ पर लोकगायकों की न धुन न गीत

देहरादून । दिल्ली के राजपथ पर मंगलवार को 72वें गणतंत्र दिवस की परेड में उत्तराखंड की झांकी भी दिखाई गई । केदारनाथ पर केंद्रित इस झांकी को बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया था , जिसमें देवभूमि के इस धाम की महिमा को वर्णित किया गया था । राजपथ पर जैसे ही उत्तराखंड की झांकी आई , राजपथ पर बैठ , उत्तराखंडवाली और टीवी पर इस झांकी को देख रहे दर्शक उत्साहित हुए , लेकिन जैसे ही उन्होंने झांकी के साथ बजा हिंदी गीत सुना , दर्शक उदास हो गए । उन्हें उम्मीद थी कि उत्तराखंड की इस झांकी के साथ , स्थानीय लोक गायकों द्वारा गाया गया , कोई गीत या उत्तराखंड की कोई पहाड़ी धुन सुनने को मिलेगी , लेकिन बॉलीवुड गायक कैलाश खेर के भगवान शिव को लेकर गाए एक गाने को इस झांकी के साथ बजाया गया । 

बता दें कि 72वें गणतंत्र दिवस पर इस साल फिर से उत्तराखंड की झांकी को राजपथ पर मौका मिला था । अमूमन उस झांकी के माध्यम से उस राज्य की कला संस्कृति को देश दुनिया के सामने रखने का मौका मिलता है । राजपथ पर जिन राज्यों की झांकी पेश हुई , उनके स्थानीय गीत संगीत के जरिए उस झांकी को प्रदर्शित किया गया । लेकिन उत्तराखंड की झांकी में हिंदी गीत सुनकर दर्शक थोड़ा उदास जरूर हुए । 

इस झांकी में केदारनाथ धाम को प्रदर्शित किया गया , साथ ही उसकी महीमा का उल्लेख किया , लेकिन कैलाश खेर द्वारा गाया गीत ....जय जय शिव शंभु जय जय केदारा....बजाया गया । 


जबकि उत्तराखंड के कई लोकगायकों द्वारा केदारनाथ पर कई गीत गाए गए हैं । बहरहाल , लोगों ने इस रुख पर थोड़ी नाराजगी भी जताई । 

हालांकि सरकार के इस रुख पर कुछ लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि जब उत्तराखंड के लोग अपनी बोली- बोलने में ही कतराते हैं , तो यह भी सही था कि हमारी झांकी में हिंदी गीत ही बजाया जाए । 

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