Thursday, October 18, 2018

Breaking News

   सेना हर चुनौती से न‍िपटने के ल‍िए तैयार, सर्जिकल स्ट्राइक भी व‍िकल्‍प: रणबीर सिंह    ||   BJP विधायक मानवेंद्र ने बदला पाला, राज्यवर्धन बोले- कांग्रेस ने 70 साल में मंत्री नहीं बनाया    ||   सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर छिड़ी जंग, हिरासत में 30 प्रदर्शनकारी    ||   विवेक तिवारी हत्याकांडः HC की लखनऊ बेंच ने CBI जांच की मांग ठुकराई    ||   केरलः अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने सबरीमाला फैसले के खिलाफ HC में लगाई याचिका    ||   कोलकाताः HC ने दुर्गा पूजा आयोजकों को ममता के 28 करोड़ देने के फैसले पर रोक लगाई    ||    रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस मिसाइल पर भारत की डील    ||   नार्वेः राजधानी ओस्लो में आज होगा शांति के नोबेल पुरस्कार का ऐलान    ||   अंकित सक्सेना मर्डर केसः ट्रायल के लिए अभियोगपक्ष के 2 वकीलों की नियुक्ति    ||   जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉफ्रेंस के दो कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या, मरने वालों में एक MLA का पीए भी     ||

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के ‘रौरी’ गांव ने किया चुनाव बहिष्कार का ऐलान

अंग्वाल न्यूज डेस्क
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के ‘रौरी’ गांव ने किया चुनाव बहिष्कार का ऐलान

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मतदान 9 नवंबर को होने वाले हैं। इसे लेकर पार्टियों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है लेकिन राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विधानसभा क्षेत्र ‘अर्की’ में पड़ने वाले रौरी गांव ने अधिकारियों और राजनीतिक पार्टी को इस बात की चेतावनी दी है कि अगर उनके गांव को प्रदूषण मुक्त जगह पर शिफ्ट नहीं किया गया तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे। इस बात को लेकर दोनों प्रमुख पार्टियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

सीमेंट फैक्ट्री बनी परेशानी की वजह

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में चुनाव के लिए मतदान होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है ऐसे में मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में पड़ने वाले गांव रौरी के करीब 500 लोगों के द्वारा चुनाव बहिष्कार का निर्णय ने उनकी पेशानी पर बल डाल दिया है। रौरी गांव के लोगों की मांग है कि उनके गांव को प्रदूषण मुक्त जगह पर शिफ्ट किया जाए। उनका कहना है कि दारलाघाट में अंबुजा सीमेंट की फैक्ट्री लगने से पहले वे भी अच्छी जिन्दगी जी रहे थे।


ये भी पढ़ें - आरुषि-हेमराज कांड में आया नया मोड़, एक बार फिर से खुलेगी इस मर्डर मिस्ट्री की सभी फाइलें

सांस और चर्मरोग से पीड़ित

आपको बता दें कि सीमेंट की फैक्ट्री लगने से गांव के ज्यादातर लोग सांस की  और चर्मरोगों की बीमारी से ग्रस्त हो गए हैं। गांववालों का आरोप है कि बड़ी संख्या में बच्चे, खासकर बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं और धूल से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फैक्ट्री में होने वाले शोर से लोगों को रात-रात भर जागना पड़ता है। अब उनका कहना है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी जाएगी तो चुनाव का बहिष्कार करेंगे। बता दें कि दारलाघाट की सीमेंट फैक्ट्री से राज्य सरकार को बड़ी मात्रा में राजस्व की प्राप्ति होती है।    

Todays Beets: