Tuesday, September 19, 2017

Breaking News

   जम्मू कश्मीर के नौगाम में लश्कर कमांडर अबू इस्माइल के साथ मुठभेड़,     ||   राम रहीम मामले पर गौतम का गंभीर प्रहार, कहा- धार्मिक मार्केटिंग का यह एक क्लासिक उदाहरण    ||   ट्राई ने ओवरचार्जिंग के लिए आइडिया पर लगाया 2.9 करोड़ का जुर्माना    ||   मदरसों का 15 अगस्त को ही वीडियोग्राफी क्यों? याचिका दायर, सुनवाई अगले सप्ताह    ||   पंचकूला से लंदन तक दिखा राम-रहीम विवाद का असर, ब्रिटेन ने जारी की एडवाइजरी    ||   PAK कोर्ट ने हिंदू लड़की को मुस्लिम पति के साथ रहने की मंजूरी दी    ||   बिहार आए पीएम मोदी, बाढ़ से हुई तबाही की गहन समीक्षा की    ||   जेल में ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राम रहीम को सुनाई जाएगी सजा    ||   मच्छल में घुसपैठ नाकाम, पांच आतंकी ढेर, भारी मात्रा में गोलाबारूद बरामद    ||   जापान के बाद अब अमेरिका के साथ युद्धाभ्यास की तैयारी में भारत    ||

अब आपकी आॅनलाइन बातें नहीं रहेंगी प्राइवेट, गूगल ने अपनी पाॅलिसी में किए बदलाव

अंग्वाल न्यूज डेस्क
अब आपकी आॅनलाइन बातें नहीं रहेंगी प्राइवेट, गूगल ने अपनी पाॅलिसी में किए बदलाव

नई दिल्ली

अब आपके द्वारा की गई आॅनलाइन बातें प्राइवेट नहीं रहेंगी। गूगल ने अपनी पाॅलिसी में कई बदलाव किए हैं। इस बदलाव के बाद गूगल ने लोगों के बारे में जो डेटा अपने पास रखा है उसे लोगों के नाम के साथ जोड़ा जा सकता है। पिछले दशक में गूगल ने डबल क्लिक नाम की कंपनी को खरीदा था।

सब्सक्राइबर को भेजे ईमेल

ये हम सभी जानते हैं कि आॅनलाइन विज्ञापन देने वाली कंपनियां इस बात का दावा करती है कि लोगों से की गई बातें या जुटाई गई जानकारियां गुप्त रखी जाती हैं। गूगल भी ऐसा ही करने की बात कही है लेकिन प्रो पब्लिका के अनुसार कुछ महीने पहले हुई इस बदलाव में गूगल अब दोनों डेटा को एक साथ कर सकता है। ये बदलाव नए जीमेल अकाउंट के डिफॉल्ट सेटिंग में शामिल किया गया है। जो लोग जीमेल सब्सक्राइबर हैं उन्हें इस बदलाव के लिए अपनी सहमति देने के लिए ईमेल भेज गया है।


तकनीकी क्रांति की वजह से लिया फैसला

गौरतलब है कि दुनिया भर के लोगों के इंटरनेट पर ब्राउजिंग की आदतों के बारे में इस कंपनी के पास जानकारी है। गूगल ने जीमेल से लोगों के बारे में जानकारी और उनके नाम को डबल क्लिक के डेटा से अलग रखा था। गूगल ने लोगों से ये वादा किया था कि उन दोनों को अलग रखा जाएगा लेकिन पाॅलिसी में बदलाव के बाद डेटा को डबल क्लिक के साथ जोड़ा जा सकता है। इंटरनेट ब्राउज करने की आदत और किसी के बारे में पर्सनल जानकारी को एक साथ ऑनलाइन देखना दुनिया के लिए काफी विवादास्पद मामला रहा है। जब गूगल ने 2007 में डबल क्लिक को खरीद था तब उसने कहा था लिंक कि पर्सनल जानकारी के बारे में कोई भी डेटा नहीं लिया जाएगा। गूगल की तरफ से ये कहा जा रहा है कि मोबाइल के क्षेत्र में तकनीकी क्रांति के बाद ये फैसला लिया गया है।

फेसबुक ने भी ऐसा ही करने का किया ऐलान

साल 2012 में गूगल ने अपने सभी सर्विस के साथ गूगल के डेटा को साझा करने की पाॅलिसी का ऐलान किया था। डबल क्लिक कंपनी का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसके जरिए करीब दस लाख से ज्यादा लोगों के द्वारा पसंद किए जाने वाले ब्राउजिंग की आदतों को ट्रैक किया जा सकता है। यहां ये भी बता दें कि फेसबुक ने भी कुछ दिनों पहले ऐसी ही घोषणा की थी कि वो भी लोगों को उनके नाम से ट्रैक करने की कोशिश करेगा। अगर ऐसा होता है तो कंपनियों को किसी उत्पाद को लेकर आपकी पसंद या नापसंद के बारे में पता चल सकता है। 

google   policy   change   online   talk   company   default   data   

Todays Beets: