Saturday, January 18, 2020

Breaking News

   सुरक्षा परिषद के मंच का दुरुपयोग करके कश्मीर मसले को उछालने की कोशिश कर रहा PAK: भारतीय विदेश मंत्रालय     ||   IIM कोझिकोड में बोले पीएम मोदी- भारतीय चिंतन में दुनिया की बड़ी समस्याओं को हल करने का है सामर्थ    ||   बिहार में रेलवे ट्रैक पर आई बैलगाड़ी को ट्रेन ने मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत, 2 गंभीर रूप से घायल     ||   CAA और 370 पर बोले मालदीव के विदेश मंत्री- भारत जीवंत लोकतंत्र, दूसरे देशों को नहीं करना चाहिए दखल     ||   जेएनयू के वाइस चांसलर जगदीश कुमार ने कहा- हिंसा को लेकर यूनिवर्सिटी को बंद करने की कोई योजना नहीं     ||   मायावती का प्रियंका पर पलटवार- कांग्रेस ने की दलितों की अनदेखी, बनानी पड़ी BSP     ||   आर्मी चीफ पर भड़के चिदंबरम, कहा- आप सेना का काम संभालिए, राजनीति हमें करने दें     ||   राजस्थान: BJP प्रतिनिधिमंडल ने कोटा के अस्पताल का दौरा किया, 48 घंटों में 10 नवजात शिशुओं की हुई थी मौत     ||   दिल्ली: दरियागंज हिंसा के 15 आरोपियों की जमानत याचिका पर 7 जनवरी को सुनवाई करेगा तीस हजारी कोर्ट     ||   रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सुरक्षा में चूक, मोटरसाइकिल काफिले के सामने आया शख्स     ||

हमेशा तेज आवाज के संपर्क में रहने वाले हो जाएं सावधान, हो सकते हैं इन बीमारियों के शिकार 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
हमेशा तेज आवाज के संपर्क में रहने वाले हो जाएं सावधान, हो सकते हैं इन बीमारियों के शिकार 

नई दिल्ली। आज नौजवानों को शोरगुल और तेज आवाज वाली म्यूजिक सुनने में काफी मजा आता है। यहां तक कि आपने बसों या मेट्रो में भी लोगों को अपने कानों में इयरफोन पर काफी तेज आवाज में गाने सुनते हुए देखा होगा। क्या आपको पता है कि तेज आवाज में गाने सुनने या लगातार उस इलाके में रहने से आप कई तरह की बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। आइए हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं।

गौरतलब है कि तेज आवाज, कानों के लिए कितनी खतरनाक होती है ये बात हमें बचपन से सिखाई जाती है। हमें स्कूल से ही सिखाया जाता है कि शोर कम करें, धीरे बोलें क्योंकि कानों तक पहुंचने वाली तेज आवाज कान के पर्दे तक फाड़ सकती है। कुछ स्टडीज की मानें तो ट्रैफिक में सुनाई देने वाले शोर से हाई ब्लड प्रशेर, दिल की बीमारी, हार्ट फेल, डाईबिटीज, डिप्रेशन, शॉर्ट टर्म मेमोरी, नींद की कमी होना जैसी कई बीमारियां तक हो सकती हैं।

याददाश्त होती है कमजोर 

ट्रैफिक का शोक बड़ों से ज्यादा बच्चों की सीखने की क्षमता पर असर डालता है। स्टडी की मानें तो ज्यादा वक्त शोर के आसपास रहने से बच्चों की याद्दाश्त कमजोर हो जाती है और उनकी सीखने की क्षमता भी कम हो जाती है। ये समस्या लड़कियों की अपेक्षा लड़कों में जल्दी होती है। 

ये भी पढ़ें - कच्चा प्याज खाने के हैं अनगिनत फायदे, रोजाना करें इस्तेमाल और टेंशन से रहें दूर


नींद भी होती है प्रभावित 

शोरगुल वाला माहौल काम को तो प्रभावित करता ही है। साथ ही साथ ये आपकी नींद को भी प्रभावित करता है। 50 डेसीबल से अधिक तीव्र ध्वनि नींद को प्रभावित करते हैं। जिससे नींद पूरी नहीं होती और आपकी कार्यक्षमता इससे प्रभावित होती है।

ब्लड प्रेशर बढ़ाता है 

तेज ध्वनि दिल की धड़कनों, रक्त के प्रवाह को बढ़ा देता है। इससे ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है यही कारण है तेज ध्वनि के संपर्क में लगातार रहने से हार्ट-अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

 

Todays Beets: