Friday, September 24, 2021

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सिद्धू – अमरिंदर का विवाद सुलझाने गए हरीश रावत खुद विवादों में , पंज प्यारे पर बोलकर विवाद खड़ा किया

अंग्वाल न्यूज डेस्क
सिद्धू – अमरिंदर का विवाद सुलझाने गए हरीश रावत खुद विवादों में , पंज प्यारे पर बोलकर विवाद खड़ा किया

नई दिल्ली । पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच जारी गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है । इन दोनों के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए मंगलवार शाम पंजाब पहुंचे प्रदेश प्रभारी हरीश रावत अब खुद विवादों में आ गए हैं । असल में पंज प्यारों को लेकर दिए गए एक बयान के चलते अब उन्हें भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है । इतना ही नहीं उनके बयान ने एक धार्मिक और राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है । विवाद को बढ़ता देख हरीश रावत ने अपने बयान पर माफी भी मांग ली है।

इन्हें बता दिया पंज प्यारे

असल में , पंजाब कांग्रेस में जारी घमासान को लेकर प्रदेश प्रभारी हरीश रावत मंगलवार शाम चंडीगढ़ पहुंचे । हालांकि वह विवाद को तो नहीं सुलझा पाए , लेकिन अपने एक बयान के चलते उन्होंने बखेड़ा जरूर खड़ा कर दिया । असल में रावत ने सिद्धू और उनके चार कार्यकारी अध्यक्षों की तुलना महान पंज प्यारों से कर डाली । इस पर ही हंगामा खड़ा हो गया ।

अकाली दल ने जताया विरोध

सिद्धू और उनके चार कार्यकारी अध्यक्षों की तुलना सिख धर्म के चार महान पंज प्यारों से किए जाने पर अकाली दल ने हरीश रावत को आड़े हाथ लिया । अकाली दल ने हरीश रावत पर सिख धर्म के अनुयायियों को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया । अकाली दल के प्रवक्ता और पूर्व मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्षों की तुलना पंज प्यारों से किए जाने पर हरीश रावत की निंदा की और उनसे अपने शब्द वापस लेने और सिख संगत से माफी मांगने की मांग उठाई।  


हरीश रावत ने मांगी माफी

अपने बयान पर विवाद खड़ा होता देख , हरीश रावत ने अपने बयान पर तुरंत माफी मांग ली । उन्होंने कहा – कभी कभी आप किसी के लिए आदर व्यक्त करते हुए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर देते हैं , जो आपत्तिजनक होते हैं। मुझसे भी कल अपने प्रदेश अध्यक्ष समेत चार कार्यकारी अध्यक्षों को पंज प्यारे कहकर संबोधित करने की गलती हुई है । मैं इतिहास का छात्र रहा हूं और जानता हूं कि पंज प्यारे के अग्रणी स्थान की किसी से तुलना नहीं की जा सकती । मुझसे यह गलती हुई है । मैं लोगों की भावनाएं आहत करने के लिए माफी मांगता हूं।

जानें कौन थे पंज प्यारे

बता दें कि गुरु गोविंद सिंह ने जब सिख धर्म की शुरुआत की थी तो पांच लोगों को चुना था , जो इस धर्म के लिए कुछ भी करने को तैयार रहें । धर्म के लिए अपनी जान भी दे सकें। यहीं कारण है कि जब भी सिखों की कोई धार्मिक यात्रा या धार्मिक उत्सव होता है तो पंज प्यारे ही उसका नेतृत्व करते हैं। इन्हें सिख धर्म में बहुत सम्मान से देखा जाता है।  

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