Tuesday, October 26, 2021

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PM मोदी ने SCO की बैठक में दो टूक - बढ़ता कट्टरवाद बड़ा संकट , इससे मिलकर लड़ना होगा

अंग्वाल न्यूज डेस्क
PM मोदी ने SCO की बैठक में दो टूक - बढ़ता कट्टरवाद बड़ा संकट , इससे मिलकर लड़ना होगा

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के दिन शुक्रवार को शंघाई सहयोग संगठन (shanghai cooperation organisation , SCO) की बैठक को संबोधित किया । इस दौरान उन्होंने जहां नए सहयोगियों को बधाई दी , वहीं उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण माहौल में इस बैठक का आयोजन करना शानदार है । उन्होंने इस दौरान कहा कि क्षेत्र की चुनौती सुरक्षा और शांति की स्थापना करना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में अफगानिस्तान में पैदा हुए हालात के बाद हमारी चुनौतियां और बढ़ गई हैं । बढ़ता कट्टरपंथ एक बड़ा संकट है । इससे हमें मिलकर लड़ना होगा । अफगानिस्तान पर SCO को पहल करनी चाहिए । 

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा - इस साल हम SCO की भी 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह ख़ुशी की बात है कि इस शुभ अवसर पर हमारे साथ नए मित्र जुड़ रहे हैं। मैं ईरान का SCO के नए सदस्य देश के रूप में स्वागत करता हूँ। मैं तीनों नए डायलॉग partners – साऊदी अरब, Egypt और क़तर – का भी स्वागत करता हूँ । SCO की 20वीं वर्षगाँठ इस संस्था के भविष्य के बारे में सोचने के लिए भी उपयुक्त अवसर है। मेरा मानना है कि इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियाँ शांति, सुरक्षा और trust-डेफिसिट से संबंधित है। वह बोले - यदि हम इतिहास पर नज़र डालें, तो पाएंगे कि मध्य एशिया का क्षेत्र moderate और progressive cultures और values का गढ़ रहा है। सूफ़ीवाद जैसी परम्पराएँ यहाँ सदियों से पनपी और पूरे क्षेत्र और विश्व में फैलीं। इनकी छवि हम आज भी इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत में देख सकते हैं । 


उन्होंने कहा - भारत में और SCO के लगभग सभी देशों में, इस्लाम से जुड़ी moderate, tolerant और inclusive संस्थाएं और परम्पराएँ हैं। SCO को इनके बीच एक मजबूत network विकसित करने के लिए काम करना चाहिए। इस सन्दर्भ में मैं SCO के RATS mechanism द्वारा किये जा रहे उपयोगी कार्य की प्रशंसा करता हूँ । 

पीएम मोदी बोले - SCO की 20वीं वर्षगाँठ इस संस्था के भविष्य के बारे में सोचने के लिए भी उपयुक्त अवसर है। मेरा मानना है कि इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियाँ शांति, सुरक्षा और trust-डेफिसिट से संबंधित है । और इन समस्याओं का मूल कारण बढ़ता हुआ radicalisation है। अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने इस चुनौती को और स्पष्ट कर दिया है । 

वह बोले - चाहे financial inclusion बढ़ाने के लिए UPI और Rupay Card जैसी technologies हों, या COVID से लड़ाई में हमारे आरोग्य-सेतु और COWIN जैसे digital platforms, इन सभी को हमने स्वेच्छा से अन्य देशों के साथ भी साझा किया है ।  भारत central एशिया के साथ अपनी connectivity बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा मानना है कि land locked central एशियाई देशों को भारत के विशाल बाज़ार से जुड़ कर अपार लाभ हो सकता है ।  

कनेक्टिविटी की कोई भी पहल one-way street नहीं हो सकती। आपसी trust सुनिश्चित करने के लिए connectivity projects को consultative, पारदर्शी और participatory होना चाहिए। इनमें सभी देशों की टेरीटोरियल इंटीग्रिटी का सम्मान निहित होना चाहिए । 

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